इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट के हत्या के एक मामले में सबल सिंह, मान सिंह, मंगल सिंह, लल्लू कहार और सुमेर सिंह को मिली उम्रकैद से बरी कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने सभी की ओर से दाखिल अपील स्वीकार करते हुए सुनाया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट के हत्या के एक मामले में सबल सिंह, मान सिंह, मंगल सिंह, लल्लू कहार और सुमेर सिंह को मिली उम्रकैद से बरी कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने सभी की ओर से दाखिल अपील स्वीकार करते हुए सुनाया है।
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मामला चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र का है। सात फरवरी 2012 की रात वीर सिंह की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। शिकायतकर्ता ने अगली सुबह मुकदमा दर्ज कराया। सत्र न्यायालय ने 10 दिसंबर 2020 को सबल सिंह, मान सिंह, मंगल सिंह, लल्लू कहार और सुमेर सिंह को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ सभी ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।
कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने केवल गवाहों के मुख्य परीक्षण पर भरोसा किया। जिरह में सामने आए विरोधाभासों को नजरअंदाज कर दिया। लिहाजा, अभियोजन संदेह से परे मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। कहानी सोच-विचार और बाद में गढ़ी गई थी।