लाइटें भी बंद तो कैसे लगी आग
जानकारों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में आमतौर पर शॉर्ट सर्किट ही आग लगने का कारण होता है, हालांकि शार्ट सर्किट जैसी कोई बात अग्निशमन अधिकारियों ने नहीं बताई है। फायर स्टेशन ऑफिसर सिविल लाइंस राजेश चौरसिया ने बताया, वह मौके पर पहुंचे तो दरवाजे खुले थे। साथ ही सभी लाइटें व स्विच भी बंद थे।
वित्तीय लेनदेन, पंजीकरण से लेकर जांच संबंधी फाइलें
जिन अनुभागों में आग लगी, उनमें वित्तीय लेनदेन, पंजीकरण के साथ एडल्ट स्कूलों के प्रकरणों के जांच संबंधी प्रकरणों की फाइलें भी स्टोर की गई थीं। मौके पर पहुंचे कर्मचारी नेता प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि यहां शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ जांच संबंधी फाइलें भी थीं, जो नष्ट हो गई हैं। उधर, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जले हुए दस्तावेज में से कुछ के अवशेष भी मिले हैं। इन्हें देखने से पता चलता है कि वह फर्जी तरीके से नियुक्ति के संबंध में प्रचलित जांचों से संबंधित थे।
उप शिक्षा निदेशक ने थाने में दी लिखित सूचना
उप शिक्षा निदेशक-विज्ञान अनुराग श्रीवास्तव ने पुलिस को लिखित सूचना दी है। इसमें घटना का विवरण दिया गया है। साथ ही आवश्यक कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव का कहना है कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।
अपर शिक्षा निदेशक ने बनाई जांच समिति
मामले की जांच के लिए शिक्षा निदेशालय के अफसरों ने भी एक उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई है, जो आग लगने के कारणों के साथ-साथ घटना के अन्य पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी। अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने बताया, समिति को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।