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यौन उत्पीड़न में फंसे निलंबित सीओ नवनीत नायक पर दर्ज होगी एफआईआर

Mon, 05 Jul 2021 11:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • शासन के पत्र पर प्रभारी एसपी ने दिया आदेश, तैनाती के दौरान मध्यप्रदेश से मिलने के लिए आती थी महिला 
  • जिले में तैनात एक थानेदार की भी कराई जा सकती है जांच 
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pratapgarh news : नवनीत नायक, डिप्टी एसपी। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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प्रभारी पुलिस अधीक्षक एलआर कुमार ने यौन उत्पीड़न के मामले में निलंबित किए गए पुलिस उपाधीक्षक नवनीत नायक  पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले में जिले में तैनात एक थानेदार की भूमिका की भी जांच हो सकती है। जिले के पट्टी सर्किल में जुलाई 2019 में कार्यभार ग्रहण करने वाले पुलिस उपाधीक्षक नवनीत नायक करीब साढ़े आठ माह तक तैनात रहे। अपने कार्यकाल के दौरान वह अक्सर चर्चाओं में बने रहे। सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश की रहने वाली एक संस्था में काम करने वाली महिला से सीओ नवनीत नायक की दोस्ती थी। जनपद में तैनाती के दौरान अक्सर महिला शहर के एक होटल में आकर रुकती थी। वहां सीओ भी जाते थे। शादी की बात को लेकर दोनों के बीच अनबन हो गई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह से भी महिला ने सीओ द्वारा झांसा यौन उत्पीड़न करने की  शिकायत की, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसके बाद महिला ने शासन से शिकायत की थी। शासन ने पूर्व एसपी से जांच रिपोर्ट तलब की। हालांकि इस बीच सीओ नवनीत नायक का तबादला गैर जनपद के लिए हो गया। बाद  में वह शाहजहांपुर में तैनात हुए। पूर्व एसपी की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने तीन दिन पहले सीओ नवनीत नायक को सस्पेंड कर दिया था। सोमवार को शासन का पत्र मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक एलआर कुमार ने निलंबित सीओ नवनीत नायक के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। हालांकि अभी नगर कोतवाल के पास प्रभारी एसपी का आदेश नहीं पहुंचा है। पट्टी कोतवाली में भी मुकदमा दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस विभाग में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच की आंच जिले में तैनात एक थानेदार पर भी सकती है। 

पहले भी जिले में तैनात रहे सीओ पर लग चुके हैं यौन उत्पीड़न के आरोप
जिले में पहले भी तैनात रहे सीओ पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। लालगंज व सीओ सिटी के पद पर तैनात पुलिस उपाधीक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। लालगंज में तैनात सीओ को तो जेल भी भेजा गया था। जबकि सीओ सिटी के पद पर तैनात रहे सीओ को कानपुर पुलिस ने जेल भेजा था।
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