उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने मंगलवार को पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। इससे पीसीएस-2019 के अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद जगी है कि आयोग अब पीसीएस मेंस-2019 से पहले पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर देगा और इससे अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़ जाएंगे।
पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा 25 अगस्त से प्रस्तावित है। इस परीक्षा के अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे है कि पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा के आयोजन से पहले पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया जाए।
अभ्यर्थियों यह मांग इसलिए कर रहे हैं, ताकि पीसीएस-2019 में स्पर्धा कम हो जाए और चयन के अवसर बढ़ जाएं। अमूमन पीसीएस के उच्च पदों पर चयनित होने वाले अभ्यर्थी पीसीएस की अगली परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं। ऐसे में अन्य अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में चुनौतियां कम हो जाती हैं और उनके लिए चयन के अवसर बढ़ जाते हैं।
आयोग ने पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है। जुलाई में फिलहाल किसी परीक्षा का इंटरव्यू नहीं है। ऐसे में पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू जुलाई में कराए जाने के आसार हैं।
पीसीएस का इंटरव्यू पूरा कराने में एक माह का समय लग सकता है। इंटरव्यू पूरा होने के बाद अंतिम चयन परिणाम तैयार करने में 10 से 15 दिनों का वक्त लग सकता है। ऐसे में 25 अगस्त से शुरू होने जा रही पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा से पहले पीसीएस-2018 के अंतिम चयन परिणाम जारी होने के पूरे आसार हैं।
बदले पैटर्न पर हुई पीसीएस की पहली परीक्षा
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस बार पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा बदले पैटर्न पर आयोजित की थी। यह पहली पीसीएस परीक्षा है जो संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर आयोजित की गई। इस परीक्षा में तमाम बड़े बदलाव किए गए। मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों का प्रारूप भी बदल दिया गया।
पीसीएस-2018 से इंटरव्यू में भी बदलाव किया गया है। साक्षात्कार अब 200 के बजाय 100 अंकों का होगा। हालांकि इन तमाम बदलावों से अभ्यर्थियों को काफी फायदा हुआ। पहले उन्हें आईएएस और पीसीएस परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी करनी पड़ती थी लेकिन पाठ्यक्रम समान हो जाने के कारण अभ्यर्थी अब दोनों परीक्षाओं की तैयारी एक साथ कर पा रहे हैं।
1381 केंद्रों पर आयोजित की गई थी परीक्षा
प्रयागराज। पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा अक्तूबर 2018 में प्रदेश के 29 जिलों के 1381 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इसके लिए छह लाख 35 हजार 844 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इनमें से 62.42 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे। आयोग ने पांच माह बाद 30 मार्च 2019 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया था, जिसमें मुख्य परीक्षा के लिए 19096 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था और 18 से 22 अक्तूबर तक प्रयागराज एवं लखनऊ के विभिन्न कंद्रों में आयोजित मुख्य परीक्षा में 16738 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। आयोग ने मार्च/अप्रैल में ही रिजल्ट जारी करने की तैयारी कर रखी थी लेकिन लॉक डाउन के कारण रिजल्ट अटका रहा। तकरीबन एक माह बंद रहने के बाद 20 अप्रैल को आयोग के खुलने पर मुख्य परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई।