इसमें आंख के नीचे चोट लगने से महिला अधिवक्ता लहूलुहान हो गईं। जिसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अन्य अधिवक्ता जुट गए। इसके बाद कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया गया। पोस्टमास्टर सीएल मिश्रा से भी मारपीट की गई।
शीशे तोड़ दिए गए और फर्नीचर में भी तोड़फोड़ की गई। कंप्यूटर भी उलट-पलट दिए गए। डाककर्मियों ने सूचना दी तो चौकी से पुलिसकर्मी पहुंचे लेकिन भीड़ मानने को तैयार नहीं थी। इसके बाद कर्मचारियों ने खुद को भीतर बंद कर लिया।
सूचना पर कई थानों की फोर्स लेकर पुलिस अफसर भी आ गए। अधिवक्ता कर्मचारियों पर हमले का आरोप लगा रहे थे और मारपीट करने वाले कर्मचारियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें समझाया और किसी तरह डाककर्मियों को बाहर निकाला। हालात को देखते हुए पीएसी भी बुला ली गई। तब जाकर शाम सात बजे के करीब स्थिति काबू में आ सकी।