कानपुर नगर के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा के लिए 20,895 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 9075 ने परीक्षा दी और 11,820 ने परीक्षा छोड़ दी। यहां पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की उपस्थिति 43.43 फीसदी रही। लखनऊ में पंजीकृत 27649 अभ्यर्थियों में से 14,566 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं परीक्षा छोड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 13083 यानी 52.68 फीसदी रही।
मेरठ में 21,165 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें 11,559 परीक्षा में शामिल हुए जबकि 9606 ने परीक्षा से दूरी बनाई। यहां पर 54.61 फीसदी उपस्थित रहे। एपीएस के 328 पदों पर भर्ती तीन चरणों की परीक्षा के माध्यम से की जानी है। तीनों चरणों की परीक्षा के अंकों को जोड़कर श्रेष्ठता के आधार पर चयन किया जाएगा। सात जनवरी को हुई परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे गए।
इससे पूर्व उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2023 में एपीएस के 176 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, लेकिन विवाद की वजह से परीक्षा बीच में ही निरस्त कर दी गई थी। आयोग ने दोबारा आवेदन लेकर परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। फिलहाल, यह मामला अब कोर्ट में है।
सामान्य ज्ञान के प्रश्नों ने उलझाया, तो कंप्यूटर के कई प्रश्नों ने छुड़ाया पसीना
रविवार को आयोजित एपीएस 2023 परीक्षा में प्रश्नपत्र के कई प्रश्नों ने काफी उलझाया। अभ्यर्थियों का कहना था कि सामान्य ज्ञान से जुड़े कई सवाल मुश्किल रहे। खासतौर पर सुमेलित करने वाले सवालों को हल करने में ज्यादा कठिनाई आई। हिंदी के सवाल सामान्य होने के कारण अभ्यर्थियों को थोड़ी राहत जरूर मिली।
वहीं कंप्यूटर ज्ञान पर आधारित कई सवाल काफी कठिन थे, जबकि कई सवाल आसान थे। अभ्यर्थियों ने कुल मिलाकर पेपर को स्तरीय और संतुलित बताया। 150 अंकों वाले प्रश्नपत्र को हल करने के लिए उन्हें तीन घंटे का वक्त दिया गया था। इसमें 50-50 अंकों के सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी और कंप्यूटर ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए थे। पहले चरण के परीक्षा परिणाम में पदों की संख्या के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थी सफल घोषित किए जाएंगे और सफल अभ्यर्थी द्वितीय चरण की परीक्षा में शामिल होंगे।