सिकंदरा स्थित गांजी मियां के रौंजे पर दानपेटी की छीना झपटी करते लोग।
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सुन्नी वक्फ बोर्ड से दरगाह के नामित समिति के अध्यक्ष सफदर जावेद ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि रविवार के रौज मेले में सुबह साढ़े छह बजे समिति के मोहम्मद सलमान, जानू और रियासत अली देखरेख कर रहे थे तभी मोहम्मद अकरम, इरफान अहमद, सीमा पुत्री रोशन अली, परवेज, आजम, जीशान, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद सैफ, सुड्डी, दिलशाद, सलमान, तौसीफ, आरिफ, आमीन उर्फ गुड्डू सुनियोजित तरीके से लाठी डंडा लेकर पहुंचे और मारपीट करने लगे।
दरगाह में रखी गई चार दान पेटिकओं को भी उठा ले गए। दूसरी तरफ से मोहम्मद अकरम ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि परिवार के सभी लोग हमेशा से दरगाह के चढ़ावे में हिस्सा लेते थे। लेकिन अभी कुछ वर्षों से सफर जावेद किसी तरह से सुनी वक्फ बोर्ड से समिति का अध्यक्ष बन गए हैं और चढ़ावे की सारी रकम अकेले उठा ले जाते हैं। रविवार को चढ़ावा को ले जाने से मना किया गया तो मारपीट करने लगे। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर पर जांच कर रही है। मारपीट की घटना में एक तरफ से जानू , रियासत अली और दूसरे तरफ से जीशान को गंभीर चोट आई है। एसीपी फूलपुर विवेक यादव ने बताया कि प्रबंधन को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई है। जिसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
दरगाह पर पीएसी के जवान तैनात, फिर भी होती रही मारपीट
सिकंदरा स्थित गाजी मियां की दरगाह पर रामनवमी को हिंदू संगठनों द्वारा भगवा लहराए जाने के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया था और दरगाह पर पीएसी बल की तैनाती की गई थी, लेकिन इसके बाद भी रविवार को दरगाह के अंदर जमकर मारपीट हुई। मारपीट की जानकारी होने पर चौकी इंचार्ज सिकंदरा ब्रजेश तिवारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और उपद्रवियों को खदेड़ा। मौके से पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
दरगाह पर आने वाले चढ़ावे को लेकर कुछ अराजकतत्व हमेशा बवाल करते रहते हैं । जबकि दरगाह से इनका कोई वास्ता सरोकार नहीं है। इन लोगों के खिलाफ कई बार मुकदमा दर्ज कराया गया है। सुन्नी वर्क बोर्ड लखनऊ से दरगाह का मैं नामित अध्यक्ष हूं। कई वर्षों से मजार की प्रबंधन व्यवस्था देख रहा हूं इस संबंध में प्रशासन और स्थानीय पुलिस को सभी कागजात उपलब्ध भी करा दिए गए हैं। - सफदर जावेद, अध्यक्ष गाजी मियां दरगाह समिति सिकंदरा।