जिला अधिवक्ता संघ की 18 सदस्यीय कार्यकारिणी को चुनने के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने वोट डाले। मतदान में कुल 61 प्रतिशत अधिवक्ताओं ने भागीदारी की। हालांकि, वोट डालने इससे भी अधिक वकील पहुंचे थे, मगर बार कौंसिल का परिचयपत्र अनिवार्य होने के कारण मतदान से वंचित रह गए।
शुक्रवार देर शाम मतदान बंद होने के बाद प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता संघ के कुल 6591 सदस्यों में से 4019 ने वोट डाले। मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मतदान के बाद मतपेटिकाएं कड़ी सुरक्षा में कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार के स्ट्रांग रूम में रख दी गईं हैं। मतगणना शनिवार को सुबह नौ बजे से संगम सभागार में प्रारंभ होगी। मतदान शुक्रवार को सुबह नौ बजे शुरू हुआ। पहले मतदाताओं की संख्या काफी कम थी, मगर जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया बूथों के सामने लंबी कतार लगने लगी। मतदान पर्ची बनवाने के लिए भी कतार लगी रही। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में आरएएफ, पीएसी व पुलिस फोर्स तैनात रही। जिला जज की कोर्ट के पूर्वी परिसर में मतदान स्थल बनाया गया था। मतपत्र देने के लिए 17 बूथ और वोट देने के लिए 43 काउंटर बनाए गए थे। कोषागार में मतपर्ची बनाई गई। मतदान के लिए लगभग 150 अधिवक्ता कार्यकर्ता लगे थे। मतदान का संचालन चुनाव अधिकारी और एल्डर कमेटी के अलावा संघ के पूर्व अध्यक्षों ने किया।
मतदान के दौरान जिला जज एसके पचौरी ,एडीजे राम मनोहर नारायण मिश्र ने स्वयं जायजा लेते रहे। शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होने पर उन्होने चुनाव अधिकारी, एल्डर कमेटी और मतदान कार्य में लगे वकीलों और प्रत्याशियों की सराहना की। चुनाव अधिकारी वेणी माधव पांडेय और एल्डर कमेटी के वरिष्ट सदस्य केबी तिवारी, गिरीश तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, अनिल तिवारी, दिनेश श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विनोद चन्द दुबे, राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, राकेश तिवारी और संघ के अध्यक्ष भगवत प्रसाद पांडेय और मंत्री अरुण पांडेय ने शांतिपूर्ण चुनाव में सहयोग के लिए जिला जज, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी और मतदान में लगे कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया है।
पिछले कई वर्षों के बाद ऐसा हुआ है कि जब जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव पहली बार में बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है। चुनाव में खास बात यह भी रही है कि इस बार चुनाव में हाईकोर्ट को कोई हस्तक्षेप नहीं करना पड़ा है। इससे पूर्व के कई चुनाव अदालत के निर्देश पर ही कराए गए और उनमें कोर्ट की ओर से नामित पर्यवेक्षक की निगरानी रही। मगर इस बार ऐसी नौबत नहीं आई। इसे लेकर वकीलों के बीच भी चर्चा रही।
शनिवार को मतों की गिनती संगम सभागार में सुबह नौ बजे से की जाएगी। मतगणना के समय सबसे पहले अध्यक्ष और मंत्री पद के प्रत्याशियों को बुलाया गया है। चुनाव अधिकारी का कहना है कि प्रमुख पदों की गणना करके शनिवार को ही परिणाम घोषित किया जाएगा और अगर गिनती पूरी नहीं हो पाती है तो रविवार को भी गणना की जाएगी। अधिवक्ता संघ चुनाव में विधायक बारा डा. अजय भारती, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह के लिए बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य अमरेंद्र नाथ सिंह, वरिष्ठ वकील ताराचंद्र गुप्ता, शंभूनाथ उपाध्याय आदि ने भी मतदान किया।
चुनाव में मतदान को लेकर वकीलों में काफी उत्साह दिखा। परिसर के बाहर लगे पंडालों से लेकर मतदान स्थल तक वकीलों की काफी गहमागहमी रही। पंडालों में खाने पीने का पूरा इंतजाम था। अपने समर्थकों के लिए लगभग सभी प्रत्याशियों ने लंच पैकेट आदि की व्यवस्था की थी। हालांकि इस बार भोज पार्टियों पर रोक होने के कारण उम्मीदवारों को काफी पैसा बचा। इसकी सराहना भी खूब हुई।