मिला नंबर रहा बंद, खूब झुंझलाए शहरवासी
बिजली विभाग के कंट्रोल रूम से शिकायतकर्ताओं को संबंधित क्षेत्र के प्रभारियों के नंबर दिए जा रहे थे। कहा जा रहा था कि इन प्रभारियों को अपनी समस्याएं बताएं। शिकायतकर्ताओं को कंट्रोल रूम से जो नंबर दिए गए, उनमें अधिकतर नंबर बंद मिले।
रामबाग के रहने वाले अंशुमन और इंद्रजीत ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से लगातार कंट्रोल रूम पर फोन कर रहे हैं। दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फोन लगा। इसके बाद कंट्रोल रूम से रामबाग उपकेंद्र के प्रभारी का नंबर थमाया गया। उस नंबर पर फोन लगाने पर वह बंद मिला।
46 प्रभारियों में महज दो के उठे फोन
जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त किए गए प्रभारियों का सूरते हाल यह रहा कि 46 लोगों में से केवल दो के ही फोन उठे। आठ कर्मचारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। 15 कर्मचारियों ने तीन-तीन बार फोन लगाए जाने के बावजूद फोन नहीं उठाया। आठ कर्मचारियों के नंबर बंद मिले और 13 कर्मचारियों के नंबर ही गलत चढ़े मिले। यह सभी कर्मचारी नगर निगम, सिंचाई विभाग, आईटीआई और पीडीए जैसे विभागों से संबंधित थे।