जार्जटाउन में एक पिता अपने बेटे की संदिग्ध हाल में हुई मौत के मामले में आठ साल तक रिपोर्ट दर्ज कराने को दौड़ता रहा। यहां से लेकर लखनऊ तक थानों व अपसरों के कार्यालयों के चक्कर काटता रहा। तब जाकर पुलिस की नींद टूटी और फिर 27 लोगों पर हत्या का केस दर्ज हुआ। फिलहाल एफआईआर दर्ज कर जार्जटाउन पुलिस जांच में जुट गई है।
ओंकारनाथ निगम विकास प्राधिकरण में एकाउंटेंट थे। उन्होंने पुलिस को बताया है कि उनका बेटा रामकृष्ण निगम मुंबई स्थित यूनाइटेड फासफोरस लि. यूनिफास हाउस में प्रोजेक्ट मैनेजर था। 2013 में साजिश के तहत तबादला कर उसे लखनऊ भेज दिया गया। जिसके दो दिन बाद ही संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई।
इसके बाद कंपनी से जुड़े लोगों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना ही उसका शव सीधे घर पहुंचा दिया। यही नहीं दबाव डालकर अंतिम संस्कार भी करा दिया। इसके बाद से लगातार वह थानों व पुलिस अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काटता रहा। अब जाकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।