पहले से ही प्रस्तावित थी रैली
धरना स्थल पर पहले से ही सैकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों के जमावड़े को देखकर प्रशासन भी सकते में रहा। आंदोलन की पहले से घोषणा थी। इसलिए धरना स्थल पर फोर्स तैनात रही। रास्ते में भी जगह-जगह भी फोर्स तैनात रही। अलग-अलग स्तर पर किसानों की अफसरों संग कई चरणों की वार्ता हुई। एडीएम सिटी मदन कुमार की अगुवाई में शाम को फिर वार्ता हुई। इस दौरान नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण, बिजली, सिंचाई समेत किसानों की मांगों से संबंधित अन्य विभाग के अफसर भी मौजूद रहे। अफसरों ने किसानों की 15 मांगें मान लीं।
सिर्फ धान खरीद को लेकर गतिरोध बना रहा। किसान सभी क्रय केंद्र खोलने तथा उचित मूल्य दिए जाने की मांग कर रहे थे। अफसरों ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाएगी। इसके बाद करीब साढ़े सात बजे उन्होंने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, किसान अनिश्चितकालीन धरना की तैयारी में आए थे। ऐसे में शाम होते हुए खाना बनाने लगा था। इसकी वजह से किसान देर रात तक डटे हुए थे। वार्ता में किसानों की तरफ से मंडल अध्यक्ष सालिगराम यादव, जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह, संजय यादव, अजीत पांडेय आदि शामिल रहे।