देवरिया जेल में पूर्व सांसद अतीक अहमद और अन्य के द्वारा एक व्यक्ति की पिटाई के मामले में अभियुक्त फरहान की जमानत अर्जी जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। अभियोजन ने जेल में बन्द फरहान को घटना का साजिशकर्ता बताया है। उसके खिलाफ धूमनगंज के जैद ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश आईडी दुबे ने डीजीसी अखिलेश सिंह विसेन और केएन सिंह को सुनकर दिया है।
घटना 22 नवंबर 2018 की धूमनगंज थाने की है। वादी मुकदमा जैद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जेेल में बंद फरहान के कहने पर इमरान, सददाम, अली अहमद, मोहम्मद अहमद, हमदान, फैसल, तालिब, उसैद, खालिद जफर,अरशद, मो0 राशिद उर्फ नीलू और विजय राय चार पहिया वाहन से आए और पीएसी गेट के पास उसकी कार को रोक लिया था। वादी के साथ उसका चचेरा भाई उमैद और मित्र अभिषेक पांडेय थे। वादी से उसका सोने का ब्रेसलेट और 80 हजार रुपए छीन लिया था।
उसे देवरिया जेल ले जाया गया। जेल में अतीक अहमद और अन्य लोगाें ने लात घूसों से मारा पीटा और जमीन का बैनामा कर देने की धमकी दी थी। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि घटना के समय अभियुक्त जेल में बन्द था। घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त मुख्य साजिशकर्ता है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट, डकैती, गैंगेस्टर एक्ट, आयुध अधिनियम और पाक्सो एक्ट सहित 29 मामलों का आपराधिक इतिहास है। सहअभियुक्त तालिब उर्फ एसपी सिटी और अरशर की जमानत कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है।