उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित निगरानी पत्रावली चन्द्रसेन बनाम सरकार कोर्ट के आदेश के बावजूद जिला महराजगंज से नहीं भेजी जा रही है। जबकि एक अन्य निगरानी की पत्रावली तलत अजीज बनाम सरकार की पत्रावली आ चुकी है। हाईकोर्ट ने दोनों पत्रावलियों की एक साथ सुनवाई का आदेश दिया है। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने पक्षकारों से पत्रावली को अंतरित कराए जाने की कार्यवाही किए जाने का आदेश दिया है।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह, लाल चन्दन, राधाकृष्ण मिश्र और एडीजीसी राजेश गुप्ता और निगरानीकर्ता के अधिवक्ता सैयद खुर्शीद अकबर नकवी को सुनकर दिया है। प्रकरण महराजगंज का है। निगरानीकर्ता तलत अजीज ने योगी आदित्यनाथ और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना बाद जिसमें पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। जिस पर तलत अजीज की याचिका पर प्रकरण परिवाद में दर्ज किया गया था। सीजेएम महराजगंज ने 13 मार्च 2018 को परिवाद निरस्त कर दिया था। जिसके खिलाफ तलत अजीज ने निगरानी प्रस्तुत की है। निगरानी की पत्रावली स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के लिए आ चुकी है। इसी प्रकरण से संबंधित योगी आदित्यनाथ की ओर से दर्ज क्रास केस चंद्रसेन बनाम सरकार दाखिल की गई है । हाईकोर्ट ने तलत अजीज की याचिका पर तीन अगस्त 2018 को दोनों निगरानी पत्रावलियों को एक साथ शीघ्र निस्तारण किए जाने का आदेश दिया है।
स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के लिए तलत अजीज बनाम सरकार की ही पत्रावली सुनवाई के लिए आई है। चन्द्रसेन बनाम सरकार की पत्रावली अंतरित होकर नहीं आने से प्रकरण की सुनवाई नहीं हो पा रही है। कोर्ट ने पत्रावली तलब किए जाने के संबंध में कई आदेश दिए हैं। आदेश के बावजूद चन्द्रसेन बनाम सरकार की पत्रावली सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट नहीं आ रही है।