पोस्टमार्टम के बाद किसान प्रेमचन्द्र यादव का शव शुक्रवार शाम को घर लाया गया तो परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। परिजन आर्थिक सहायता के साथ आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की है। हालांकि, पुलिस प्रशासन आक्रोशित परिजनों को समझाने में जुटी रही। आक्रोशित परिजन मांग पूरी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया है।
मेजा थाना क्षेत्र के बैरहना गांव के किसान प्रेमचन्द्र यादव (40) की फसल की रखवाली करने के दौरान फावड़े से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पड़ोस के पप्पू, उसका बेटा गुड्डू और पप्पू के दो सगे भाइयों ने घटना को अंजाम दिया है। आरोप है कि पप्पू और उसका बेटा गुड्डू प्रेमचन्द्र यादव की फसल को नष्ट कर देते थे। इसलिए फसल की रखवाली के लिए प्रेमचन्द्र खेत में रात बिताते थे।
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मामले में पुलिस ने आरोपी पप्पू और उसके बेटे गुड्डू को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अन्य दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। शुक्रवार को छोटे बेटे अजीत यादव ने आर्थिक सहायता की मांग के साथ-साथ आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की है।
इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ परिजनों की नाराजगी देखी गई। मृतक के तीनों बेटे अरुण, अनिल और अजीत का रो-रोकर हाल बेहाल है। मौके पर एसीपी मेजा बृजेश पाठक के साथ मेजा इंस्पेक्टर नितेंद्र कुमार शुक्ला सहित कई थानों की फोर्स मौजूद रही। इंस्पेक्टर नितेंद्र शुक्ला ने बताया कि दो डॉक्टरों के पैनल की मौजदूगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके अलावा वीडियोग्राफी भी कराई गई।
ग्रामीणों ने कहा-हत्यारोपियों को फांसी की सजा हो
घटना के दूसरे ग्रामीणों ने कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। मृतक के बेटे अजीत ने बताया कि पखवाड़े भर पहले खेत में लगाई गई धान की फसल को प्रतिदिन उखाड़ फेंका जा रहा था, जिससे काफी नुकसान हो गया था। बेटे अजीत यादव ने बताया कि पखवारे भर से धान की फसल उखाड़कर नष्ट की जा रही थी। इसकी शिकायत कोहड़ार पुलिस से की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, पुलिस ने कहा कि घटना की जानकारी नहीं दी गई थी।
परिजनों ने यह है मांगें
-मृतक की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद की जाए।
-बेटों को रोजगार दिया जाए।
-आरोपियों को पकड़कर उनका मुठभेड़ किया जाए।
-आरोपियों के घरों को बुलडोजर से गिराया जाए।
-परिवार की सुरक्षा के लिए असलहा का लाइसेंस दिया जाए।