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ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन बेचने वाले दो मेडिकल स्टोर संचालक हिरासत में, पूछताछ में जुटी पुलिस

Sat, 29 May 2021 01:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • खुल्दाबाद व नैनी में चलाते हैं मेडिकल स्टोर, पूछताछ में जुटी पुलिस
  • कानपुर में नकली इंजेक्शन संग दो तस्करों के पकड़े जाने पर हुआ था खुलासा
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prayagraj news : इंजेक्शन - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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मरीजों को मौत के मुंह में धकेलकर मुनाफा कमाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के दो मेडिकल स्टोरों से ब्लैक फंगस के नकली एमफोनेक्स इंजेक्शन (एम्फोटेरेसिन बी साल्ट) बेचे जा रहे थे। इसका खुलासा कानपुर में गिरोह से जुड़े दो तस्करों के पकड़े जाने के बाद हुआ। जानकारी पर पुलिस ने खुल्दाबाद व नैनी स्थित दोनों मेडिकल स्टोरों के संचालकों को हिरासत मेें ले लिया है। जानकारी पर कानपुर पुलिस की एक टीम भी आ गई। जो देर रात तक आरोपियों से पूछताछ में जुटी थी। 

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Black fungus - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में पुलिस ने गुरुवार रात ग्वालटोली चौराहे के पास से यशोदा नगर निवासी प्रकाश मिश्रा और रतनदीप अपार्टमेंट निराला नगर निवासी ज्ञानेश शर्मा को एंटी फंगल के 68 नकली इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। एमआर ज्ञानेश समेत दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने प्रयागराज के ऑबलीगो और बाजपेई मेडिकल स्टोर से ये नकली इंजेक्शन खरीदे थे। कानपुर पुलिस की ओर से जानकारी मिलने के बाद जिला पुलिस हरकत में आई। जिसके बाद नैनी में कॉटन मिल तिराहे और खुल्दाबाद के हिम्मतगंज स्थित दोनों मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया।

ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में दोनों ही मेडिकल स्टोरों की सघन तलाशी ली गई लेकिन वहां कुछ बरामद नहीं हो सका। जिसके बाद ऑबलीगो के संचालक पंकज अग्रवाल व बाजपेई मेडिकल स्टोर के संचालक को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस देर रात तक इनसे पूछताछ में जुटी रही। देर रात कानपुर पुलिस की एक टीम भी शहर आ गई। जिसके बाद देर रात तक दोनों से पूछताछ होती रही। 
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Absconding Ahmedabad serial blasts (2008) accused Nasir Rangrej arrested

कहीं और तो नहीं बना रखा था गोदाम

पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि नकली इंजेक्शन स्टोर करने के लिए गोदाम कहीं और तो नहीं बनाया गया है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह इंजेक्शन बनते कहां थे। दरअसल कानपुर पुलिस का कहना है कि पकड़ा गया तस्कर ज्ञानेश शर्मा कुछ दिनों पहले बाबपुरवा में पकड़े गए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह के भी संपर्क में था। सभी एक साथ नकली इंजेक्शनों की खेप अलग-अलग शहरों में खपाते थे। प्रयागराज के साथ वाराणसी से भी कनेक्शन मिला है। 

शहर के अस्पतालों में भी सप्लाई किए इंजेक्शन

पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने सैकड़ों इंजेक्शन की खेप कानपुर में खपाई है। सीधे तीमारदारों के अलावा कई अस्पतालों को भी बड़ी संख्या में इंजेक्शन बेचे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अस्पतालों के नाम भी बताए हैं। अब सवाल है कि इन इंजेक्शन के इस्तेमाल से मरीज पर क्या असर पड़ा होगा। नकली इंजेक्शन से आशंका है कि कइयों की जान भी गई होगी। पुलिस ये भी तफ्तीश कर रही है कि क्या अस्पताल प्रशासन को पता था कि नकली इंजेक्शन आरोपी सप्लाई कर रहे हैं फिर भी खरीदे। अगर ऐसा किया है इन पर भी कार्रवाई होगी। आरोपियों ने सीधे डॉक्टरों को भी कुछ इंजेक्शन दिये हैं।

इंजेक्शन में ग्लूकोज होने की आशंका

एसीपी ने बताया कि आरोपियों ने वाराणसी के एक डॉक्टर को इंजेक्शन दिए थे। मामला पकड़ा गया था तो सैंपल की जांच कराई गई थी। पता चला था कि इंजेक्शन में ग्लूकोज है। यहां जो इंजेक्शन पकड़े गए हैं, आशंका कि इसमें भी ग्लूकोज होगा। फिलहाल ड्रग विभाग ने 40 इंजेक्शन नमूने के तौर पर लिए हैं। जिनको जांच के लिए लैब भेजा है। कुछ ही दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी, जिससे पता चलेगा कि इंजेक्शन में क्या था।

कालाबाजारी के पकड़े जा चुके हैं मामले

प्रयागराज में इससे पहले रेमडिसिवर इंजेक् शन व ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी के मामले पकड़े जा चुके हैं। लेकिन नकली इंजेक्शन बेचने का यह पहला मामला सामने आया है। इससे पहले कोतवाली पुलिस ने रेमडिसिवर की कालाबाजारी में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। लेकिन इस गिरोह का सरगना अजय विश्वकर्मा अब तक नहीं पकड़ा जा सका।

लखनऊ में बनता था नकली इंजेक्शन, वहीं से होती थी सप्लाई

हिरासत में लिए गए दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों पवन अग्रवाल व मधुरम बाजपेयी से देर रात तक चली पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए। सूत्रों के मुताबिक, दोनों से पूछताछ मेें यह बात सामने आई कि कानपुर में नकली इंजेक्शन के साथ पकड़ा गया मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव ज्ञानेश शर्मा कभी मधुरम के साथ ही रहता था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वह नकली इंजेक्शन लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित मोहित मेडिकल एजेंसी से मंगाते थे और फिर उसे अलग-अलग शहरों में भेज देते थे। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने यह भी बताया कि नकली इंजेक्शन कुर्सी रोड स्थित लाइफ केयर इनोवेशन फैक्ट्री में बनाए जाते हैं। जिसके बाद यह जानकारी लखनउऊ पुलिस को भी दे दी गई। उधर देर रात दोनों आरोपियों को लेकर कानपुर पुलिस की टीम रवाना हो गई।
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