याची अधिवक्ता की दलील
याची की अधिवक्ता तनीषा जहंगीर मुनीर ने दलील दी कि विवेचक की जांच रिपोर्ट में बयान की कॉर्बन प्रति केस डायरी का हिस्सा है। कॉर्बन कॉपी में जिन स्थानों पर धुंधलापन है, वहां किसी अन्य के हस्तलेख की पुष्टि हो रही है। वह हस्तलेख विवेचक के हैं या किसी और के, इसको जानने के लिए विवेचक की जिरह की जानी न्यायहित में जरूरी है। लेकिन, ट्रायल कोर्ट ने आरोपी की अर्जी को अवैधानिक रूप से तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया, जो गलत है।
कानून की महिमा बनाए रखना अदालत का कर्तव्य
कोर्ट ने कहा कि न्याय प्रशासन में जनता का विश्वास और ‘कानून की महिमा’ को बनाए रखना अदालत का कर्तव्य है। आपराधिक कार्यवाहियों में होने वाले कष्टप्रद या दमनकारी आचरण पर अदालत आंखें नहीं मूंद सकती। मुकदमे का उद्देश्य सभी पक्षों को न्याय देना है। इसमें पीड़ित और आरोपी दोनों ही शामिल हैं। इसलिए मुकदमे में सच्चाई की खोज की प्रकिया को तकनीकी आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।