इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत तीन छात्रों के पांच वर्ष तक निष्कासन के फैसले पर भड़के छात्रों ने बुधवार को छात्रसंघ भवन पर बैठक की। इस दौरान इविवि प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। छात्रों पर कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
बैठक में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कुमार मिश्र ने कहा कि प्रॉक्टर द्वारा यह कहा जाना कि भ्रष्टाचार और अनियमितता से संबंधित प्रश्न पूछना छात्रसंघ का काम नहीं, अत्यंत हास्यास्पद है और यह दर्शाता है कि उन्हें विवि के किसी कानून की जानकारी नहीं है। कहा कि जिस मामले में उन्हें निष्कासित किया गया है, उसमें न तो कोई कारण बताओ नोटिस और न ही कोई आरोप पत्र दिया गया। सीधे मीडिया के माध्यम से जानकारी दी जा रही है कि तीन छात्रों को पांच वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर बात करने के लिए कहा था, कुलपति और विवि प्रशासन के पास उसका कोई जवाब नहीं है। इसलिए वार्ता के पहले ही निष्कासित कर दिया गया। यह विवि के लिए काला दिन है, जब गुरुजनों की मौजूदगी में ऐसे तानाशाहीपूर्ण निर्णय लेकर छात्रों का जीवन बर्बाद कर रहे हैं। कहा कि छात्रों के न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। बैठक में अश्वनी मौर्य, निर्भय द्विवेदी, वरुण, दानिश, उपाध्यक्ष अदील हमजा, आशीष कनौजिया, सूरज, अखिलेश गुप्ता, माधवेश, शेखर सिंह, अनुभव उपाध्याय, सचिन आदि मौजूद थे।
छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित ने इविवि प्रशासन की कार्रवाई को पुलिस और जिला प्रशासन के साथ भी धोखा बताया है। कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों के कहने पर ही अनशन तोड़ा गया, जिसका परिणाम तीन छात्रों के निष्कासन के रूप में झेलना पड़ रहा है। अब उन्हें भी वास्तविक स्थिति समझ आनी चाहिए कि दोषी कौन है।