लोक निर्माण के यांत्रिकी खंड के अधिशासी अभियंता देवेंद्र निगम को बुधवार कोे निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई किस वजह से हुई है यह अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। लेकिन, कहा जा रहा है कि हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में उपस्थित न होने से विभाग के प्रमुख सचिव और खुद अभियंता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। मामले में 16 दिसंबर को सुनवाई होनी है।
मामला अधिशासी अभियंता के यांत्रिकी खंड से जुड़ा हुआ है। सेवानिवृत्त कर्मचारी ने पेंशन के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के प्रेम सिंह केस के निर्देशों का पालन करते हुए निर्णय लेने का आदेश दिया था। लेकिन विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया और हाईकोर्ट में न तो कोई जवाब दाखिल किया गया और न ही कोई पेश हुआ।
कोर्ट ने इसे अपनी अवहेलना मानते हुए लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकरण, अधिशासी अभियंता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। शासन ने इसे लापरवाही माना और अधिशासी अभियंता को बुधवार को निलंबित कर दिया। अधिशासी अभियंता देवेंद्र निगम ने कहा कि ऐसी सूचना मिली है लेकिन शासन की ओर से अभी कोई पत्र नहीं मिला है।