बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ला के मुताबिक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में प्रमुख विषयों की शुरू हो रही परीक्षाओं के पहले जिलों में डीआईओएस को निर्देश दिया गया है। इसमें प्रश्नपत्रों की शुचिता और सुरक्षा को देखते हुए डीआईओएस स्तर पर टीमें गठित करने का निर्देश दिया गया है। टीमें देर रात तक परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और मॉनिटरिंग करेंगी। प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षकों की तरफ से कुल 524 टीमों का गठन किया गया है।
यह टीमें लगातार ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग कर रही है। 18 फरवरी को कुल 1827 केंद्रों का निगरानी की गई। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अब कुल 2642 परीक्षा केंद्रों का देर औचक निरीक्षण किया गया है। साथ ही स्ट्रॉग रूम की निगरानी की जा रही है। यह निगरानी परीक्षा समाप्ति तक लगातार जारी रहेगी।
पूर्वांचल के जिलों पर विशेष नजर
बलिया कांड के बाद इस बार बोर्ड परीक्षा को लेकर विशेष सर्तकता बरत रहा है। खासतौर पर पूर्वांचल के जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। रविवार को सचिव यूपी बोर्ड ने पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के डीआईओएस से नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों की 24 घंटे निगरानी रखने के लिए गठित टीमों के बारे में बात की। कहा कि पिछले वर्ष बलिया में प्रश्नपत्र आउट हुआ था। ऐसे में इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी ना हो। इसके लिए विशेष सर्तकता बरती जाए।