कुलपति को हटाने की मांग को लेकर इलाहाबाद छात्रसंघ के बैनर तले उपाध्यक्ष अदील हमजा समेत सात छात्रों का बेमियादी अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों के एक समूह ने कुलपति दफ्तर पर भी पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें चेतावनी देते हुए वापस कर दिया। इनसे पहले कुलपति के समर्थन में भी छात्रों का जमावड़ा हुआ था। इससे परिसर में तनाव बना रहा। इसके मद्देनजर परिसर में भारी संख्या में फोर्स तैनात रही। प्रवेश समिति भंग करने समेत चार सूत्रीय मांग मंजूर किए जाने के बाद भी छात्रों का आंदोलन जारी है। उन्होंने कुलपति को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को छात्रसंघ भवन पर बेमियादी अनशन शुरू कर दिया था। हालांकि, अनशनकारी छात्रों का यह भी कहना है कि अभी उनकी दो ही मांगें मानी गईं हैं।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत का कहना है कि स्थाई नियुक्ति तक रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला और वित्त अधिकारी एके कन्नौजिया को हटाकर उनकी जगह संयुक्त कुलसचिव को यह जिम्मेदारी दिए जाने की मांग की गई थी, लेकिन वे अब भी पद पर बने हुए हैं। इसके अलावा लाइब्रेरी से कब तक किताबें निर्गत की जाएंगी, इसकी भी तारीख तय होनी चाहिए। अनशन के समर्थन में कालेजों के छात्र भी पहुंचे। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार को रजिस्ट्रार पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखा लिया था, लेकिन रजिस्ट्रार ने कुलपति के पास इस्तीफा नहीं भेजा। इसे लेकर भी छात्रों में नाराजगी रही। छात्रों के एक गुट ने जुलूस निकालकर कुलपति दफ्तर की ओर रुख किया, लेकिन फोर्स ने उन्हें रोक दिया। इसके विरोध में छात्रों का पुलिस अफसरों के साथ विवाद भी हुआ। गौर करने वाली बात यह कि अनशन पर बैठा एक छात्र भी जुलूस में शामिल रहा। हालांकि, पुलिस ने उन्हें बल प्रयोग की चेतावनी दी तो वे वापस हो गए। छात्रों ने कुलपति को हटाए जाने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। अनशन करने वाले विद्यार्थी अदील हमजा, अनुभव उपाध्याय, नीरज प्रताप सिंह, जितेंद्र बिंद, अनुज, आशुतोष पाठक, अनुभव सिंह छोटू हैं।