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प्रयागराज : आदित्य एल-1 को प्रक्षेपित करने वाले प्रयागराज मंडल के पांच होनहारों पर सबको नाज

Sun, 03 Sep 2023 02:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दिन के 12:50 बजे निर्धारित समय पर जैसे ही आदित्य एल-वन को प्रक्षेपित किया गया, टीवी से चिपके लोग तालियां बजाकर खुशी का इजहार करने लगे। आदित्य एल-वन की सफल लांचिंग के बाद इस टीम में शामिल युवा वैज्ञानिक सिविल लाइंस की नेहा अग्रवाल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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ISRO Aditya-L1 solar mission - फोटो : PTI
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विस्तार
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चंद्र मिशन की कामयाबी के बाद आदित्य एल-वन की सफल लांचिंग की उपलब्धि में मंडल के पांच युवा वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इससे घर-परिवार से लेकर जिले भर के लोगों का कलेजा सौ गज ऊंचा हो गया है। ये वैज्ञानिक मिशन आदित्य के जरिये सूर्य के रहस्यों का अध्ययन कर रहे हैं।

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दिन के 12:50 बजे निर्धारित समय पर जैसे ही आदित्य एल-वन को प्रक्षेपित किया गया, टीवी से चिपके लोग तालियां बजाकर खुशी का इजहार करने लगे। आदित्य एल-वन की सफल लांचिंग के बाद इस टीम में शामिल युवा वैज्ञानिक सिविल लाइंस की नेहा अग्रवाल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रक्षेपण के बाद उन्होंने इंडियन बैंक से सेवानिवृत्त अपने पिता संजय अग्रवाल और शिक्षिका मां वंदना से फोन पर आशीर्वाद लिया और खुशियों को साझा किया। बेटी की इस कामयाबी पर उनके माता-पिता को भी दिन भर बधाई मिलती रही।

आदित्य एल-वन की लांचिंग के बाद उनके कृष्ण पुष्प पैलेस स्थित फ्लैट में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। चंद्रयान परियोजना के बाद मिशन आदित्य एल-वन से जुड़ीं नेहा पर सबको नाज है। इस मिशन के जरिए कोरोनल मास इजेक्शन, अनियमित रूप से बनने वाली सौर ज्वालाएं, सतह वायुमंडल और दोनों की आपस में अंतरक्रियाओं समझा जाएगा।

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प्रतापगढ़ के रवि केसरवानी भी अध्ययन टीम में शामिल

इसी तरह जार्जटाउन निवासी कृपाशंकर पांडेय के पुत्र अर्पित पांडेय भी मिशन आदित्य-एल वन की टीम में शामिल हैं। श्रीहरि कोटा में मिशन आदित्य के प्रक्षेपण के समय उनके परिवार में उत्साह का माहौल छाया रहा। परिवार के सदस्यों के साथ ही पड़ोसी और रिश्तेदार उनके मिशन आदित्य की कामयाबी के लिए सुबह से ही दुआएं करते रहे।

उधर, प्रतापगढ़ की कुंडा तहसील निवासी रवि केसरवानी भी आदित्य एल-1 की अध्ययन टीम में शामिल हैं। वह लांचिंग में तो नहीं थे, लेकिन उन क्षणों को उन्होंने अपनी आंखों से देखा। बाद उन्होंने भी अपने परिवार के सदस्यों और कुछ दोस्तों से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि सूर्य के अध्ययन के लिए एक उपकरण सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (सूट) भी बनाया गया है। इसका निर्माण करने वाली टीम में वह शामिल हैं। इसरो में साइंटिफिक टेक्निकल अफसर ग्रुप सी पद पर तैनात रवि ने बताया कि यह उपकरण सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट रेज (पराबैंगनी किरणों) का अध्ययन करेगा।
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शहर की दो बेटियां आदित्य एल-वन की कर रही हैं ट्रैकिंग

चंद्रयान-3 को सफलता पूर्वक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने वाली ट्रैकिंग टीम में शामिल शहर की दो बेटियां अब आदित्य एल-वन को कंट्रोल कर रही हैं। इलाहाबाद विश्ववविद्यालय की छात्रा रहीं बलरामपुर हाउस की गायत्री मल्होत्रा इसरो के प्रोजेक्ट आदित्य एल-वन के लिए बने कंट्रोल सिस्टम ग्रुप की प्रोजेक्ट मैनेजर हैं।

अब आदित्य एल-वन को निर्धारित कक्षा में पहुंचने के लिए उसे नियंत्रित कर रही हैं। इनके अलावा सूबेदारगंज रेलवे कॉलोनी की दिशी कटियार भी मिशन आदित्य एल-वन को ट्रैक करने वाली टीम में शामिल हैं। वह इसरो के कंट्रोल एवं कमांड सिस्टम में साइंटिस्ट सी के तौर पर इस मिशन में अपना योगदान दे रही हैं। रेल अफसर पिता इंद्रजीत कटियार और शिक्षिका मां विनीता कटियार बेटी की सफलता पर गदगद हैं।
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