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Prayagraj News: प्रश्न पत्रों पर गोपनीय न्यूमरिक नंबरिंग से हर केंद्र पर थी नजर

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यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के प्रश्न पत्रों के हर पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमरिक नंबरिंग कराई गई, ताकि पेपर आउट होने की स्थिति में संबंधित केंद्र की पहचान की जा सके।
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यूपी बोर्ड ने परीक्षा के सफल संचालन व परीक्षार्थियों की सुविधाओं के लिहाज से इस बार कई नए प्रयोग किए, जिसमें केंद्रवार गोपनीय न्यूमरिक नंबरिंग सबसे महत्वपूर्ण कदम रहा। अगर किसी भी केंद्र से पेपर आउट होता तो न्यूमरिंग नंबरिंग से तुरंत पता लगा लिया जाता कि पेपर किस परीक्षा केंद्र से आउट हुआ। इसके साथ पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए परीक्षकों की नियुक्ति ऑनलाइन की गई।
साथ ही आवश्यकता पड़ने पर मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक द्वारा परिषद के पोर्टल पर प्रतीक्षा सूची से परीक्षकों की ऑनलाइन नियुक्ति की व्यवस्था भी पहली बार की गई। इसके साथ ही पहली बार किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त रिजर्व सेट की व्यवस्था की गई। अतिरिक्त रिजर्व सेट के प्रश्नपत्रों की आलमारी की चाभी निकटवर्ती पुलिस थाने की अभिरक्षा में रखी गई।
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यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण से संबंधित आपत्तियां, सुझाव अथवा शिकायतें दर्ज कराने के लिए परिषद के पोर्टल पर ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई। इस सुविधा के तहत प्रधानाचार्यों/अभिभावकों द्वारा विद्यालय के माध्यम से सीधे परिषद के पोर्टल पर आपत्ति, सुझाव, शिकायत दर्ज की गई।

उत्तर पुस्तिकाओं में अंकित हुई पृष्ठ संख्या
- मुख्य एवं सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिकाओं में पहली बार पृष्ठ संख्या अंकित की गई। पुरानी उत्तर पुस्तिका का प्रयोग न हो, इसके लिए अन्य सुरक्षा मानक अपनाने के साथ उत्तर पुस्तिकाओं के रंग भी बदल दिए गए। मूल्यांकन केंद्र में प्राप्त विसंगतिपूर्ण या संदिग्ध उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया। ऐसी उत्तर पुस्तिकाओं को चिह्नित कर निर्धारित मूल्यांकन केंद्र पर गहन परीक्षण एवं मूल्यांकन की कार्यवाही के साथ गलत स्थान पर कॉपियां भेजने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया।

जिओ लोकेशन से सुनिश्चित हुई परीक्षकों की उपस्थिति
- प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान जिओ लोकेशन के माध्यम से पहली बार परीक्षा केंद्र में परीक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई। जिओ लोकेशन युक्त मोबाइल ऐप के माध्यम से परीक्षकों से प्रयोगशाला कक्ष में ही उनकी फोटो कैप्चर कर उपस्थिति दर्ज कराई गई। जिओ-फेंसिंग प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षक केवल अपने आवंटित प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्र पर ही लॉगिन कर सकें। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे के बाहर से लॉगिन व अंक अपलोड करना संभव नहीं है।

नए नकल अधिनियम के तहत हुए 115 मुकदमे
- पहली बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धाराओं के तहत 115 व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
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