स्कूलों के बाहर भरते हैं फर्राटा
जनपद में ज्यादातर स्कूलों में यह दावा किया जाता है कि छात्र-छात्राओं के वाहन लेकर आने पर प्रतिबंध है। हालांकि, सच यह है कि प्रतिबंध के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी, जिनमें ज्यादा संख्या छात्रों की होती है, वाहन लेकर ही स्कूल आते हैं। यह बात अलग है कि स्कूल में एंट्री न मिलने की वजह से यह अपना वाहन स्कूल परिसर के आसपास ही खड़ा कर देते हैं। जनपद में कई स्कूलों के आसपास बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े नजर आते हैं। छुट्टी के वक्त इन्हीं स्कूलों के आसपास छात्रों को वाहनों से फर्राटा भरते आसानी से देखा जा सकता है।
प्रचार-प्रसार कराएंगे, नहीं माने तो कार्रवाई
नाबालिगाें के वाहन चलाने पर रोक के आदेश का पालन कराने को लेकर पुलिस विभाग ने भी कमर कस ली है। विभागीय अफसरों का कहना है कि पहले तो इस संबंध में प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। इसके बाद भी नहीं मानते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी यातायात आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि इसमें स्कूलों का भी सहयोग लिया जाएगा। शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर कहा जाएगा कि वह स्कूल प्रबंधनों से वार्ता कर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं को वाहन लेकर परिसर में न प्रवेश करने दें। कोई जबरदस्ती करता है तो पुलिस से संपर्क करें। इसके अलावा पुलिस की ओर से भी जल्द ही इस संबंध में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।