अनहद की ओर से रविवार को प्रयाग संगीत समिति में आयोजित ‘बहार से बहार तक-4’ में सदाबहार गीतों और गजलों की शाम सजी। कार्यक्रम में गायिका पुष्पा शुक्ला और डॉ. डीएन शुक्ला ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। 1950 से लेकर 2015 तक के सुमधुर गीतों की प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया।
‘उस मोड़ से शुरू करें’, ‘दिल दिवाना माने ना’, ‘यूं हसरती के दाग’, ‘कौन दिशा में लेके चल रे बटुहिया’, ‘ये जिंदगी उसी की है’, ‘शोला जो भड़के’, ‘आंखों ही आंखों में’, ‘आइये मेहरबां’ गीतों को अपनी सुमधुर आवाज में गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में निदा फाजली की गजल ‘हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तनहाइयों का शिकार आदमी’ के जरिए जगजीत सिंह को याद किया।
कार्यक्रम में विभिन्न कार्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भारी संख्या में शिरकत की। वहीं कुछ लोगों ने स्टेज पर अपनी गायकी के जादू से भी दर्शकों को चकित किया। कार्यक्रम आयोजक डॉ. डीएन शुक्ला ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल सुकून के देना है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी और डॉ. राधा घोष ने किया।