पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 2014-15 में झूंसी स्थित 22 बीघा व मदरी की चार बीघा जमीन दिलाने के लिए उसने फरहान, आशिफ उर्फ मल्ली, चन्द्रजीत यादव से सौदा किया। इसके बाद फराहन व मल्ली को को 10-10 लाख नकद दिए।
माफिया अतीक अहमद की मौत के बाद भी उसके गुर्गों का खेल जारी है। उन्होंने पूरामुफ्ती में प्रापॅर्टी डीलर मशहूद अहमद निवासी चकिया को कार में अगवा कर 20 लाख रंगदारी मांगी। किसी तरह चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत की। मामले में राजूपाल हत्याकांड के आरोपी फरहान, शूटर मल्ली समेत चार पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 2014-15 में झूंसी स्थित 22 बीघा व मदरी की चार बीघा जमीन दिलाने के लिए उसने फरहान, आशिफ उर्फ मल्ली, चन्द्रजीत यादव से सौदा किया। इसके बाद फराहन व मल्ली को को 10-10 लाख नकद दिए। कुछ समय बाद फरहान जेल चला गया तो मल्ली ने जमीन दिलाने का जिम्मा लिया। 2019 में उसने 3.50 लाख अपने खाते और 2 लाख अपने साथी के खाते में भुगतान करा लिया। 2022 में चंद्रजीत यादव ने बैनामा कराने के नाम पर 21.35 लाख रुपये पत्नी के खाते में RTGS व चेक से लिए।
साथ ही 18.65 लाख नकद लिए। नौ जून को रात आठ बजे जब वह परिचित इहतेशाम आसिफ संग बमरौली जा रहा था तो राजस्थान स्वीट हाउस के पास मल्ली, चंद्रजीत यादव, माशूक अहमद व एक अन्य ने उसे कार से खींचकर स्कॉर्पियो में भर लिया। कहा कि फरहान भाई ने कहा है कि कि 20 लाख रुपये देने से आनाकानी करे तो मार के फेंक दो। तीन दिन में रकम देने की हामी भरने पर आरोपियों ने उसे छोड़ा।एसीपी वरुण कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।