जिले की जनसंख्या के साथ वोटरों की संख्या भी बढ़ी है और इसी वजह से इलाहाबाद में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बूथों की संख्या में भी इजाफा कर दिया गया। जिले में 333 नए बूथ बनाए गए हैं। प्रशासन ने राजनीतिक दलों को बूथों की सूची सौंपकर उनसे दावे एवं आपत्तियां मांगी हैं। इनका निस्तारण करने के बाद प्रस्तावित सूची निर्वाचन अयोग को भेजी जाएगी और उसके बाद आयोग बूथों की फाइनल सूची जारी करेगा।
पिछले चुनाव में इलाहाबाद में 3911 बूथ बनाए गए थे। बाद में आयोग के निर्देश पर 82 अतिरिक्त बूथ बनाए गए। यानी कुल 3993 बूथों पर मतदान हुआ। आयोग की मंशा है कि इस बार समय से बूथों का निर्धारण कर दिया जाए ताकि चुनाव करीब आने पर अतिरिक्त बूथों के लिए माथापच्ची न करनी पड़े और वोटरों को भी दिक्कत न हो। आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने जिले में 4326 बूथ चिह्नित कर लिए हैं, सो इस बार 333 बूथ बढ़ गए हैं।
बूथों के बढ़ने की एक वजह यह भी है कि जिस बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1500 से अधिक थी, वहां अभी से अतिरिक्त बूथ की स्थापना कर दी गई है। इन बूथों की सूची दलों को सौंपकर उनसे दावे एवं आपत्तियां मांगी गई हैं ताकि किसी बूथ में कोई कमी न रह जाए और वोटरों को भी दिक्कत न हो। सर्वाधिक 425 बूथ शहर उत्तरी में हैं। वहीं, शहर पश्चिमी में 414 और शहर दक्षिणी में 366 बूथ हैं। सबसे कम 328 बूथ कोरांव विधानसभा क्षेत्र में हैं। इसके अलावा फाफामऊ में 347, सोरांव में 363, प्रतापपुर में 361, हंडिया में 353, मेजा में 317, करछना में 333 और बारा विधानसभा क्षेत्र में 335 बूथ हैं।