Prayagraj : पुलिस हिरासत में आरोपी महिला अंजना सिन्हा।
- फोटो : अमर उजाला
उसके साथ हैवानियत की गई थी। बच्ची के शरीर में नोंचने व जले के निशान के साथ-साथ प्राइवेट पार्ट में लकड़ी पड़ी हुई थी। उन्होंने कैंट थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी। बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह कानपुर की रहने वाली है और उसके माता पिता इस दुनिया में नहीं हैं। एक अंकल, जिन्हें वह जानती नहीं है, उसे लखनऊ ले गए थे, जहां पर इन लोगों ने उसे गोद ले लिया।
Prayagraj News : अस्पताल में भर्ती बच्ची।
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बच्ची ने बताया कि उससे घर का काम कराया जाता था और रोज उसकी मामी मारती-पीटती थीं। उसके चेहरे को कुकर से जला दिया। उसके शरीर को नाखूनों से नोचा, प्रेस से उसके शरीर को जलाया और एक हाथ तोड़ दिया। आरोपी महिला ने बताया कि जून 2022 में बच्ची को लखनऊ के एक अनाथालय से गोद लिया था। वह प्रीतम नगर के एक अपार्टमेंट में रहती है। पति अरुण कुमार आर्मी स्कूल में शिक्षक है। पुलिस ने आरोपी महिला अंजना सिन्हा और उसके पति अरुण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है।
मुझे जानते नहीं हो
आरोपी महिला जब अस्पताल पहुंची तो उसके तेवर सातवें आसमान पर थे। उसे अपनी करनी पर कोई पछतावा नहीं था। उसने छावनी अस्पताल के मैनेजर अश्वनी यादव को धमकी देते हुए कहा कि अभी तुम मुझे जानते नहीं हो कि मैं कौन हूं। इसके बाद जब महिला पुलिस ने उसका हाथ पकड़ना चाहा तो उसने कह कि हाथ हटाओ मैं चल रही हूं न।
दो दिन से थी भूखी-प्यासी
अस्पताल पहुंची बच्ची को जब खाने के लिए आलू की टिकिया और पानी दिया गया तो वह बोली कि मैं यह पानी नहीं पीती। उसने साफ पानी को देखकर ऐसा कहा था। बच्ची ने बताया कि वह दो दिन से भूखी प्यासी है।
छावनी अस्पताल बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाएगा। अगर अन्य अस्पताल के लिए भी रेफर करना पड़ा तो उसका खर्च भी अस्पताल प्रशासन ही उठाएगा। - डॉ. सिद्धार्थ पांडेय, प्रोजेक्ट हेड, छावनी सामान्य अस्पताल।
यह बहुत ही दर्दनाक घटना है। फिलहाल बच्ची का इलाज चल रहा है, जिसके बाद उसके पालन पोषण पर विचार विमर्श किया जाएगा। - मो. समीर इस्लाम, सीईओ, छावनी सामान्य अस्पताल।