स्कूल से लौट रहे मासूम पर काल बनकर गिरा पोल, मौत
नवाबगंज (प्रयागराज)। जूड़ापुर झिनहर उर्फ बरीबोझ गांव में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। रास्ते में लगा बिजली का पोल टूटकर स्कूल से घर लौट रहे एलकेजी के छात्र रितिक (7) पर गिर पड़ा, जिसके नीचे दबने से उसकी मौत हो गई। घरवालों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही से वाहन स्कूल चालक घर के बजाय मासूम को मुख्य मार्ग पर ही छोड़कर चला गया, जिससे वह हादसे का शिकार हो गया। मामले में चार लोगों पर मुकदमा लिखा गया है।
जूड़ापुर झिनहर उर्फ बरीबोझ का रहने वाला रोशनलाल निर्मल पुणे (महाराष्ट्र) में रहकर कपड़ों की धुलाई का काम करता है। यहां पत्नी राजकुमारी दो बेटों के साथ रहती थी। बड़ा बेटा रितिक क्षेत्र में ही स्थित केएलजेएम पब्लिक स्कूल में एलकेजी में पढ़ता था। रोज की तरह मंगलवार सुबह भी वह स्कूल गया। दोपहर 12 बजे के करीब छुट्टी के बाद स्कूल वाहन से लौटने लगा। आरोप है कि घर से करीब 700 मीटर दूर मुख्य मार्ग पर ही रितिक को वाहन से उतारकर चालक आगे बढ़ गया। उधर रितिक पैदल ही घर जाने लगा। रास्ते में बिजली विभाग के कुछ लोग सड़क किनारे पेड़ काट रहे थे। रितिक वहां पहुंचा ही था कि तभी पेड़ की एक डाल बिजली के तारों पर जा गिरी। तारों पर अचानक गिरी डाल का बोझ बगल में लगा बिजली का सीमेंट का पोल झेल नहीं सका और उसका एक हिस्सा टूटकर सड़क पर जा गिरा।
रितिक पोल की चपेट में आ गया और उसके नीचे दब गया। हालांकि, जब तक पोल के टुकड़े को हटाकर मासूम को निकाला जाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना पर मां व अन्य परिजनों के साथ ग्रामीण भी पहुंच गए। आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया कि वाहन चालक अक्सर रितिक को घर से काफी दूर उतारकर चला जाता था, जिसकी कई बार स्कूल प्रबंधक से शिकायत की गई। लेकिन, उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। बच्चे का शव रखकर वह स्कूल के बाहर पहुंचे और घेराव कर दिया। सूचना पर सीओ, एसपी भी पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे बाद अफसरों ने हादसे के जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए जिसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
आरोपियों में स्कूल प्रबंधक, जेई भी
दोपहर बाद मृत बच्चे के चाचा विमल की तहरीर पर नवाबगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। तहरीर में आरोप लगाया गया कि चालक सुभाष सिंह अक्सर बच्चे को घर से दूर छोड़कर चला जाता था। जिसकी शिकायत करने पर भी स्कूल प्रबंधक ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह भी कहा गया है कि जिस पेड़ को काटे जाने के दौरान यह हादसा हुआ, वह शुभम सिंह निवासी बरीबोझ कौड़िहार उपकेंद्र के जेई की मिलीभगत से काटा जा रहा था। सीओ अमित श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल प्रबंधक, चालक, जेई व पेड़ काटने वाले शुभम सिंह पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रही मां
उधर मासूम रितिक की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटे की मौत पर मां राजकुमारी तो बदहवास सी हो गई थी। वह उसके शव से लिपटकर बिलखती रही। उधर रितिक का छोटा भाई तीन वर्षीय रौनक भी मां को बिलखता देख रोता रहा। राजकुमारी की हालत देख वहां मौजूद ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। गांव की महिलाएं उसे ढांढस बनाने की कोशिश करतीं, लेकिन उसकी हालत देख उनकी भी आंखों से आंसू बहने लगते।
घटिया क्वालिटी का था पोल
घटना के बाद मौके पर जुटे लोग बिजली विभाग पर भी सवाल खड़े करते रहे। दरअसल, जिस पोल के टूटे हुए हिस्से के नीचे दबने से मासूम की मौत हुई, वह सीमेंट का था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक डाल के गिरने से तारों पर पड़े दबाव को यह पोल कैसे नहीं झेल सका। चर्चा इस बात की भी रही कि कमीशन के चक्कर में घटिया क्वालिटी का पोल लगवा दिया गया।