फूलपुर में जहरीली शराब से मौतों को लेकर जहां पुलिस प्रशासन सकते में है और गांव में गम, मातम व सन्नाटा पसरा हुआ है। कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। इसी बीच मंगलवार को जहरीली शराब पीने से गंभीर हुए आठ लोग अस्पताल से बगैर डिस्चार्ज हुए ही घर भाग आए। जो दिन भर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चार दिन पहले फूलपुर के अमिलिया, अगहुआ, कोनार, खंसार, अगरापट्टी आदि गांवों के दर्जनों लोग अमिलिया तिराहे पर स्थित सरकारी देशी शराब के ठेके से जहरीली शराब लेकर पीए जिसमें से सात लोगों की मौत हो गई थी और 19 गंभीर हुए लोगों को प्रशासन द्वारा स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भर्ती कराया गया था। फूलपुर में हुई इस घटना को लेकर जिला प्रशासन से लेकर उच्चाधिकारी सकते में आ गया।
कोई अनहोनी न हो जाए इसके लिए दो दिन तक जिलाधिकारी एवं डीआईजी के साथ ही जनपद के कई थानों की फोर्स गांव में डेरा डाले रखा। इसी बीच अस्पताल में भर्ती पांच लोगों के आंख की रोशनी चली गई। उधर जहरीली शराब के सेवन से गंभीर हालत में स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती अमिलिया गांव के रामकैलाश पुत्र बाबूलाल, रामचन्द्र, दयाराम पुत्र छोटेलाल, अनिल पुत्र राजाराम, राजपति पुत्र जवाहिर, जगदीश यादव निवासी खंसार अस्पताल से बगैर छुट्टी मिले ही मंगलवार को घर भाग आए। उनका आरोप है कि वहां उनका ठीक से इलाज नहीं किया जा रहा था और न ही समय पर भोजन आदि मिल रहा था। जिससे परेशान होकर डाक्टरों को बगैर बताए ही वे घर आ गए।