पहली गोली से बच गए थे सत्यपाल, दूसरी ने ली जान
फिर, तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली सत्यपाल को छू कर निकल गई। वह भाग पाते कि दूसरी गोली उनके माथे पर लगी और मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच, हत्यारोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन हड़बड़ी में गिर पड़ने पर बाइक छोड़कर भाग निकला। उधर से गुजर रहे सत्यपाल के भतीजे मंजीत ने घटना की परिजनों व पुलिस को सूचना दी।
घटनास्थल पर रोते-बिलखते पत्नी दीपमाला पहुंचीं। उन्होंने शिव कुमार, नीरज कुमार निवासी मम्फोर्डगंज और राजकुमार उर्फ हकड़ू निवासी नैका के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश रचने की रिपोर्ट लिखाई है। आरोपी सिपाही नीरज कुमार लखनऊ में तैनात है। फोरेंसिक टीम को मौके से खोखा मिला है।
एसओ उपेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक सत्यपाल और शिवकुमार पट्टीदार हैं। दोनों परिवारों के बीच झूंसी के उस्तापुर-महमूदाबाद गांव में तकरीबन चार करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन काे लेकर विवाद चल रहा है। इसी को लेकर हत्या की गई है। सभी आरोपी फरार हैं। कई टीमें दबिश दे रही हैं।
हत्यारोपी का बड़ा भाई भी जेल में
शिवकुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उसकी अभी शादी नहीं हुई। उसे उतरांव पुलिस ने तमंचा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह छह महीने पहले ही जेल से छूटा है। उसके एक भाई की कुछ साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा दुष्कर्म के आरोप में जेल में है।
घर से ही पीछे लग गया था हत्यारोपी
हत्यारोपी शिवकुमार घर से सत्यपाल के पीछे लग गया था। इसकी पुष्टि छतनाग रोड पर जगह-जगह लगे सीसीटीवी के फुटेज से हुई है।