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Prayagraj News: गंगा में बिरयानी के अवशेष फेंकने के मामले में आठ आरोपियों को मिली सशर्त जमानत

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रमजान के दौरान नाव पर रोजा इफ्तार करने और बिरयानी खाकर अवशेष गंगा में फेंकेने के मामले में जेल में बंद आठ आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला ने पांच और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने तीन आरोपियों की अलग-अलग याचिकाओं पर दिया है।
वाराणसी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रजत जायसवाल ने मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद फैजान सहित 14 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने, सार्वजनिक उपद्रव, जल स्रोत को दूषित करने, पूजास्थल का अपमान करने व धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए थे।
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आरोपियों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने 17 मार्च 2026 को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सभी आरोपियों ने वाराणसी ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की। ट्रायल कोर्ट ने एक अप्रैल को अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद सभी ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की। हाईकोर्ट ने आठ आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। छह को अभी जमानत नहीं मिली है। ब्यूरो
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आरोपियों के माफी मांगने पर मिली राहत
आरोपियों की ओर से दिए गए एफिडेविट में माफी मांगने के आधार पर राहत मिली है। न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ और मोहम्मद अनस की जमानत अर्जी मंजूर की है। वहीं, न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान को जमानत देने का आदेश जारी किया है।
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