खानकाह दायरा शाह अजमल में सबसे आखरी लगभग साढ़े दस बजे पेश इमाम मौलाना शमशेर आज़म ने ईद उल अजहा की नमाज़ अदा कराई दायरा शाह अजमल के सज्जादानशीन सैय्यद अरशद ज़की फाखरी ने कुर्बानी के फराएज़ और और अहकाम का तफसील से ज़िक्र किया।उम्मुल बनीन सोसायटी के महासचिव सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार शहर व ग्रामीण इलाकों की सैकड़ों मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के बाद हज़रत इब्राहीम की सुन्नत पर अमल करते हुए बकरों की कुर्बानी राहें खुदा में दी गई।
खानकाह दायरा शाह अजमल में सबसे आखरी लगभग साढ़े दस बजे पेश इमाम मौलाना शमशेर आज़म ने ईद उल अजहा की नमाज़ अदा कराई दायरा शाह अजमल के सज्जादानशीन सैय्यद अरशद ज़की फाखरी ने कुर्बानी के फराएज़ और और अहकाम का तफसील से ज़िक्र किया।उम्मुल बनीन सोसायटी के महासचिव सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार शहर व ग्रामीण इलाकों की सैकड़ों मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के बाद हज़रत इब्राहीम की सुन्नत पर अमल करते हुए बकरों की कुर्बानी राहें खुदा में दी गई।
ईदगाह,चौक जामा मस्जिद,चक शिया जामा मस्जिद,शाह वसी उल्ला रौशन बाग़,खानकाह दायरा शाह अजमल, मस्जिद ए नूर , मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार,मस्जिद अबू बकर करैली,धोबी घाट की हरी मस्जिद,मस्जिद ए मोहम्मदी लेबर चौराहा करैली, मस्जिद बीबी खदीजा करैली,दरियाबाद इमामबाड़ा अरब अली खां ,मस्जिद मौला अली, मस्जिद इमाम हुसैन, मस्जिद चिराग़ अली,मस्जिद इमाम रज़ा अटाला की बड़ी मस्जिद और अन्य मोहल्ले की बड़ी व छोटी मस्जिदों में अक़ीदत व ऐहतेराम के साथ ईद उल अजहा की विशेष नमाज़ अदा कराई गई।ओलमा ने ईद ए क़ुरबॉं पर रिज़्क़ में बरकत सेहत सलामती मुल्क में अमन चैन और भाईचारा क़ायम रहने के साथ इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी से आम जनमानस को राहत और सुकून की खुसूसी दुआ की।
मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार में ईद उल अजहा की नमाज़ के बाद इमाम ए जमात मौलाना जव्वादुल हैदर रिज़वी ने खुतबे में ईद ए क़ुरबॉं की फजीलत बयान की। परम्परा को निभाते हुए देश भर के मुसलमान हज के बाद मेना की पहाड़ी पर उन्हीं तीन शैतानों के नाम से बने स्तंभ पर कंकड़ी मारते हैं।और जब तक इस रस्म की अदायगी नहीं होती तब तक हज मुकम्मल नहीं होता।उधर जैसे ही हज़रत इब्राहीम ने बेटे इस्माईल की गर्दन पर छूरी फेरनी चाही वैसे ही अल्लाह की ओर से एक दुम्बा कटा पाया और देखा बेटा इस्माईल पास में खड़ा मुस्कुरा रहा है।मौलाना ने कहा आज के दिन यह शपथ लें की हम अपनी अना हसद तकब्बुर को क़ुर्बान कर आपस में मेल जोल भाई चारा मोहब्बत और इंसानियत की मिसाल कायम करेंगे।