ईडीएफसी के तहत पंजाब के लुधियाना से पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक मालगाड़ी का संचालन होना है। रेलवे का लक्ष्य है कि अगले दो वर्ष में यह कॉरिडोर पूरी तरह से खोल दिया जाए।
ईस्टर्न डेडीक्रेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के रूमा (कानपुर) से शुजातपुर (कौशांबी) तक मालगाड़ियों की आवाजाही शनिवार से शुरू हो गई। इस रूट के निर्माण के बाद पहली बार यहां दोनों ओर से मालगाड़ियों का संचालन हुआ। यहां मालगाड़ी का संचालन शुरू होने के साथ अब ईडीएफसी रेलखंड के खुर्जा से शुजातपुर तक का रेलमार्ग मालगाड़ियों के संचालन के लिए खोल दिया गया है।
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ईडीएफसी के तहत पंजाब के लुधियाना से पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक मालगाड़ी का संचालन होना है। रेलवे का लक्ष्य है कि अगले दो वर्ष में यह कॉरिडोर पूरी तरह से खोल दिया जाए। अभी ईडीएफसी के खुर्जा से रूमा तक ही मालगाड़ी का संचालन हो रहा है, लेकिन अब इसका दायरा शनिवार से बढ़कर कौशांबी जिले के शुजातपुर तक हो गया है।
इस 135 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर शनिवार को रूमा से दिन में 12 बजे मालगाड़ी चली, जो 3.30 बजे शुजातपुर पहुंच गई। इसी तरह वापसी में भी शुजातपुर से रूमा के लिए मालगाड़ी चलाई गई। ईडीएफसी पूर्व के महाप्रबंधक ओम प्रकाश ने बताया कि शनिवार को इस रेलखंड में पहली बार दोनों ओर से मालगाड़ियों का संचालन हुआ।
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उन्होंने बताया कि चुनार से करछना रेलखंड तक जुलाई 2022 तक मालगाड़ी की आवाजाही शुरू हो सकती है। बता दें कि ईडीएफसी पर चलने वाली मालगाड़ियों की मॉनीटरिंग सूबेदारगंज स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से ही होगी। सूबेदारगंज स्थित कंट्रोल सेंटर एशिया का सबसे बड़ा कंट्रोल सेंटर है।