छात्र-छात्राआें की दूसरे देश के प्रख्यात संस्थानों और विशेषज्ञों के साथ शोध की राह अब आसान होगी। यूजीसी की ओर से विदेशी संस्थानों के साथ समझौते बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए नियमावली भी तैयार की गई है। नियमावली ऑनलाइन करने के साथ सचिव ने कुलपतियों को इस बाबत पत्र भी लिखा है। साथ में कालेजों को भी इसके लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। इतना ही नहीं यूजीसी ने विशेषज्ञों की टीम बनाई है, जो इस काम में विश्वविद्यालयों और कालेजों की मदद करेंगे।
यूजीसी की ओर से ‘ज्ञान’ योजना की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। इसके योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थान विदेशी विशेषज्ञों को निर्धारित अवधि के लिए नियुक्त कर सकते हैं। इसके लिए अलग से बजट एलाट किया गया है। इसके तहत पहले चरण में विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इसी क्रम में विदेशी संस्थानों के साथ शोध तथा एकेडमिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
यूजीसी की ओर से तैयार नियमावली में शैक्षिक गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया गया। यहां के विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थान मानक को पूरा करने वाले विदेशी इंस्टीट्यूट के साथ ही समझौता कर सकते हैं। यानी, विदेशी कोलैबरेशन का दावा करके यहां के संस्थान विद्यार्थियों को गुमराह भी नहीं कर सकेंगे। विश्वविद्यालय और कालेज यूजीसी में तैनात एजूकेशन ऑफिसर मृगांक शेखर शर्मा से इस बाबत सलाह और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।