सरायइनायत के पतूहा गांव में शनिवार को भूकंप के झटके आने के बाद मची भगदड़ में 65 साल की बुजुर्ग महिला साबिरा बीबी की मौत हो गई। उनके परिजनों का दावा है कि शनिवार को आए भूकंप के पहले झटके से मची भगदड़ के दौरान भागते वक्त घर की फर्श पर गिर जाने से साबिरा की मौत हो गई। गांव वाले भी मौत की यही वजह बता रहे हैं जबकि प्रशासन का दावा है कि मौत भूकंप आने से कुछ देर पहले हो चुकी थी।
हंडिया तहसील में सरायइनायत के पतूहा गांव के जलालुद्दीन की पत्नी साबिरा बीबी भूकंप के झटके महसूस होने के बाद परिवारवालों के साथ बाहर भागी। घर के लोग तो भागकर बाहर निकल गए लेकिन साबित फर्श पर ही गिर पड़ीं। परिवारीजनों के मुताबिक पक्की फर्श पर गिरने से उनके सिर में चोट आई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य साबिरा को लेने घर वापस पहुंचे तो देखा कि फर्श पर उनका शव पड़ा है। महिला की मौत से घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। भूकंप की वजह से महिला की मौत की सूचना पाकर 24 घंटे बाद रव्रिवार सुबह हंडिया तहसील प्रशासन की तरफ से लेखपाल जटाशंकर शर्मा को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। उन्होंने घटना की जानकारी तहसीलदार एके श्रीवास्तव को दी।
डीएम ने भी हंडिया के एसडीएम से पूरी रिपोर्ट ली। डीएम भवनाथ सिंह का दावा है कि महिला की मौत भूकंप के झटके आने से पहले हो चुकी थी। भूकंप से मौत की बात गलत है। वहीं, भूकंप के झटके से बाई का बाग के गोविंद शरण के मकान की दीवार गिर गई। वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए। कटरा के रहने वाले कलेक्ट्रेट में तैनात वीआईपी सहायक रमेश मिश्र के घर की छत में दरार आ गई। मलखानपुर, लीलापुर के रामलखन यादव भी भूकंप का झटका लगने के बाद घर से बाहर भागते वक्त चुटहिल हो गए। उन्होंने कंट्रोल रूम में भी यह सूचना दर्ज कराई है।