कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के इंजन के पेंटों में चील फंस जाने से दिल्ली-इलाहाबाद रूट पर डेढ़ घंटे ट्रैफिक ब्लॉक हो गया। इस वजह से इलाहाबाद आने वाली तमाम ट्रेनें लेट हो गईं। ट्रेनों के लेट आने के चलते यात्रियों को खासी परेशानी हुई। प्रयागराज जहां सुबह नौ बजे के बाद इलाहाबाद पहुंच सकी तो वहीं संगम एक्सप्रेस दिन में 12 बजे के आसपास जंक्शन पहुंची। विलंब से आने की वजह से शाम को संगम एक्सप्रेस समय से रवाना नहीं हुई। शाम 5.45 की बजाय संगम शाम 7 बजे रवाना हुई।
गाड़ी संख्या 12034 कानपुर शताब्दी के इंजन के पेंटों में गाजियाबाद-अलीगढ़ रेलखंड पर सोमवार को एक चील फंस गई। शाम 5.56 बजे हुए इस वाकये से ट्रेन खड़ी हो गई। इंजन दुरुस्त करने के बाद शाम 7.15 बजे के आसपास ही रूट क्लीयर हो सका। तकरीबन डेढ़ घंटे तक इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद हो जाने से संबंधित रूट पर पड़ने वाले अन्य स्टेशनों पर तमाम ट्रेनें खड़ी हो गई। इसका असर रात भर रहा। रूट पर ट्रेनों की भारी आवाजाही के चलते इलाहाबाद आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें लेट हो गईं। प्रयागराज एक्सप्रेस सुबह नौ बजे के बाद इलाहाबाद पहुंची।
इसके अलावा डाउन पुरुषोत्तम, डाउन रीवा एक्सप्रेस, डाउन पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, डाउन स्वतंत्रता सेनानी, डाउन मगध एक्सप्रेस, डाउन ब्रह्मपुत्र मेल समेत कई ट्रेनें दो से चार घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। उधर दिल्ली से इलाहाबाद आने वाली महानंदा एक्सप्रेस मंगलवार को 12 घंटे तक विलंबित रही। अप रूट की बात करें तो कालका मेल 4.15 घंटे, मुरी एक्सप्रेस 4 घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस 6.35 घंटे, तूफान एक्सप्रेस 3.15 तीन घंटे की देरी से इलाहाबाद पहुंची। वहीं दूसरी ओर हरिद्वार से इलाहाबाद आने वाली हरिद्वार एक्सप्रेस दिन में 1.30 बजे के बाद जंक्शन पहुंच सकी। इसके यहां पहुंचने का वक्त सुबह 7.45 बजे है। इसके पूर्व विलंब से आने की वजह से संगम एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन जंक्शन से देरी से रवाना हुई।