शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कम समय में दुर्गा पूजा को भव्यता प्रदान करने में पूजा समितियां जुट गई हैं। पंडालों के आकार, दर्शनार्थियों की संख्या के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन की गाइड लाइन बना ली गई है। उधर, मूर्तिकारों ने मां दुर्गा की नयनाभिराम प्रतिमाओं को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार शारदीय नवरात्र 17 अक्तूबर से आरंभ होगा।
शासन की ओर से दुर्गा पूजा, रामलीला के अलावा छठ पूजा के लिए गाइड लाइन जारी किए जाने के बाद पूजा समितियां नवरात्र महोत्सव की तैयारी में जुट गई हैं। बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन ने इसके लिए गाइड लाइन बनाई है। एसोसिएशन के सचिव डॉ पीकेरॉय के मुताबिक पूजा पंडाल 15 फीट के ही बनाए जाएंगे।
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इसके अलावा महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए भी इसी आकार के दो अलग-अलग पंडाल बनाए जाएंगे। एक बाद में 10 श्रद्धालुओं को पंडालों में प्रवेश दिया जाएगा। मां दुर्गा के दर्शन के लिए लोग पंडालों में बने गोले के बीच ही निर्धारित दूरी पर खड़े होंगे। उधर, कर्नलगंज में दुर्गा प्रतिमाओं को सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया गया है। मूर्तिकार तापस पाल अपने 11 सहयोगियों के साथ मां दुर्गा, महिषासुर और गणेश, षड़ानन की प्रतिमाओं को रंग-रोगन करने में जुट गए हैं।
मूर्ति विसर्जन की गाइड लाइन जारी करने को ज्ञापन
बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन ने शुक्रवार को डीएम को ज्ञापन भेजकर मूर्ति विसर्जन के लिए गाइड लाइन जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अंदावा के गंदे तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन कराए जाने से लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं। ऐसे में जिला प्रशासन को इस बार समय रहते मूर्ति विसर्जन पर निर्णय लेना चाहिए।