45 अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर
ऑनलाइन विद्यालय आवंटन के दौरान आवेदन करने पर इन अभ्यर्थियों का नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है। जो 45 अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं, उनमें 27 पुरुष व 18 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। महिला अभ्यर्थी प्रिया श्रीवास्तव व ज्योतिका मिश्रा ने आयोग के सचिव को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि कॉलेज फिलिंग पोर्टल पर रोल नंबर डालने पर ‘कैंडिडेट डज नॉट एग्जिस्ट’ बता रहा है।
हालांकि, प्रिया व ज्योतिका ने अभिलेख सत्यापन के दौरान डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की ओर से जारी वह प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया था, जिसमें विश्वविद्यालय ने यह प्रमाणित किया है कि बीए में अंग्रेजी व अंग्रेजी साहित्य विषय एक ही है और प्रिया ने अंग्रेजी साहित्य विषय की पढ़ाई की है। प्रिया ने सचिव को लिखे पत्र में बताया है कि वह अब माध्यमिक शिक्षा विभाग व आयोग के चक्कर लगा रही हैं लेकिन कहीं से भी उचित जवाब नहीं मिला।
अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे अभ्यर्थी
इसी तरह महिला अभ्यर्थी तनु चौधरी ने भी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है, जिसमें विश्वविद्यालय ने प्रमाणित किया है कि तनु ने स्नातक में अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई की है और इस विषय के सभी हिस्सों जैसे, प्रोज, पोएट्री, फिक्शन, ड्रामा, मेजर लिटेरेरी मूवमेंट, लिटेरेरी फॉर्म्स का अध्ययन किया है। इसके बावजूद तनु ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकीं, क्योंकि मार्कशीट में विषय के आगे केवल अंग्रेजी लिखा हुआ है।
प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि जब विश्वविद्यालयों ने प्रमाणित कर दिया है कि इन्होंने अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई की है तो इन 45 अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रोके जाने का कोई औचित्य नहीं है। आयोग को इनकी नियुक्ति की संस्तुति भी माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेज देनी चाहिए। डेढ़ साल से ये अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा इन अभ्यर्थियों के हक की लड़ाई लड़ेगा।