कोर्ट ने कहा कि सह अभियुक्तों को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है या नहीं, पत्रावली पर उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने कहा याची भी जमानत पाने का हकदार है। कोर्ट ने याची को व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर सशर्त रिहा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति विधि परामर्शी को भेजने का आदेश दिया है, ताकि गंभीर अपराधों के आरोपियों के मामले में सरकार की तरफ से ठोस पैरवी हो। कोर्ट को सरकार की तरफ से समुचित सहयोग प्राप्त हो। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने शंकर लाल की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
याची के खिलाफ बरेली के थाना बहेड़ी में हत्या व षड्यंत्र के आरोप में एफआईआर दर्ज है। कोर्ट ने जमानत के विधि सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि पैरिटी जमानत पाने का एकमात्र आधार नहीं है। अन्य तमाम पहलुओं पर विचार करके ही कोर्ट अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करती हैं। दो लोगों की हत्या व षड्यंत्र करने वाले एक नाबालिग सहित सभी दस अभियुक्तों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। आदेश से स्पष्ट है सरकार की तरफ से ठोस बहस नहीं की गई। याची का कहना है उस पर षड्यंत्र का आरोप है। उसे भी जमानत पर रिहा किया जाए। जिस पर कोर्ट ने सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।