मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ गई है। इलाके के निजी तथा सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौड़िहार की ओपीडी 326 रही। इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, त्वचा तथा पेट दर्द के पाए गए।
बताया गया कि मौसम बदलने से निजी तथा सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। कई दिनों तक मरीजों में वायरल बुखार के साथ पेट दर्द की बीमारी के लक्षण पाए जा रहे हैं। बताते हैं कि स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ निजी अस्पतालों में इलाज के मरीजों पर अधिक पैसे लिए जा रहे हैं।
कौड़िहार, नवाबगंज, हथिगंहा बाजार के साज-सज्जा युक्त निजी अस्पताल इसके उदाहरण हैं। जहां मरीजों को कई दिनों तक भर्ती करने के बाद डिस्चार्ज करने पर लंबा बिल थमा दिया जाता है। आए दिन निजी अस्पतालों में दवाओं के बिल भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती है।
100 से अधिक मरीजों को रेबीज के टीके लगाए गए
इलाके में कुत्ते काटने के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को 100 से अधिक मरीजों को रेबीज के टीके लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लगातार कुत्ते काटने के मरीजों की संख्या बढ़ने को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
सर्दी-जुकाम, त्वचा तथा पेट की बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। कुत्ते काटने के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पताल में जांच के अलावा सभी दवाइयां तथा एंटी रेबीज टीके उपलब्ध साथ है। प्रभावित लोगों को दवा के साथ सावधानी बरतने की अधिक जरूरत है। -डॉ. अमरेश वर्मा, अधीक्षक सीएचसी, कौड़िहार