ट्रिपलआईटी में डॉ. विक्रम साराभाई जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ
प्रयागराज। ट्रिपलआईटी में बृहस्पतिवार को डॉ. विक्रम साराभाई जन्म शताब्दी समारोह को शुभारंभ हुआ। इसरो एवं ट्रिपलआईटी की ओर से आयोजित समारोह में शहर के स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी पहुंचे। इस मौके पर छात्रों को ग्रहों, सितारों, आकाश गंगाओं सहित कई अन्य जानकारियां दी गईं। छात्रों को इंटर प्लेनेटरी मिशन, मार्स आर्बिटर मिशन, लूनर मिशन, चंद्रयान-1 और चन्द्रयान-2 के बारे में बताया गया।
चार दिन तक चलने वाले जन्मशताब्दी समारोह का शुभारंभ इसरो बंगलूरू के वैज्ञानिक डॉ. पीवी वेंकटकृष्णन, संस्थान के निदेशक प्रो. पी नागभूषण, इस्ट्रैक, इसरो की डॉ. वी बृंदा एवं आशिफ सिद्दीकी ने किया। डॉ. विक्रम साराभाई का जन्म 1919 में अहमदाबाद में हुआ था। उन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। डॉ. साराभाई परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने अटीरा, ईसीआईएल, दर्पण अकादमी जैसे संस्थानों की स्थापना की। छात्रों के साथ संवाद में डॉ. वी बृंदा ने बताया कि इसरो बाहरी अंतरिक्ष की खोज करने की योजना बना रहा है। उन्होंने इंटर प्लेनेटरी मिशन, मार्स आर्बिटर मिशन, लूनर मिशन चंद्रयान-1 और चन्द्रयान-2 के बारे में बताया।
संस्थान के निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने बताया कि छात्रों को असफल होने पर निराश नहीं होना चाहिए बल्कि और ज्यादा ध्यान से लक्ष्य की ओर बढ़ाना चाहिए। संचालन इसरो के वैज्ञानिक एसके पांडेय ने किया धन्यवाद वरिष्ठ वैज्ञानिक एसएन साहू ने किया। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. शिर्शू वर्मा ने बताया कि आयोजन में केंद्रीय विद्यालय ट्रिपलआईटी झलवा, केंद्रीय विद्यालय न्यू कैंट, केंद्रीय विद्यालय ओल्ड कैंट, महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर, एमपीवीएम गंगागुरकुलम, पतंजलि ऋषिकुल के नौवीं से बारहवीं तक के 500 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए।