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HEALTH : डॉ. पीके माहेश्वरी बोले- अनियमित दिनचर्या और तनाव से शरीर में घर करता है बीपी और शुगर, ऐसे करें बचाव

Sat, 11 Feb 2023 08:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मधुमेह और ब्लड प्रेशर शरीर में चुपके से सेंध लगाने वाले दो बड़े चोर हैं। ये कब और कैसे शरीर में प्रवेश कर जाएं, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में शरीर के भीतर घुसकर दिमाग को खोखला बनाने और कई तरह की हानि पहुंचाने वाले ऐसे चोरों से सजग रहें।
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Prayagraj News : एएमए के कांफ्रेंस में बोलते डॉ. पीके माहेश्वरी। - फोटो : अमर उजाला।
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मधुमेह और ब्लड प्रेशर शरीर में चुपके से सेंध लगाने वाले दो बड़े चोर हैं। ये कब और कैसे शरीर में प्रवेश कर जाएं, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में शरीर के भीतर घुसकर दिमाग को खोखला बनाने और कई तरह की हानि पहुंचाने वाले ऐसे चोरों से सजग रहें। आम तौर पर अनियमित दिनचर्या और तनाव के कारण होने वाली इस खतरनाक बीमारी से स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर बचा जा सकता है। यह बातें आगरा मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एंड हेड डॉ. पीके माहेश्वरी ने शनिवार को मधुमेह रोग विशेषज्ञों के 12वें अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में कहीं।

मधुमेह की बढ़ती बीमारी की वजहों को डॉ. पीके माहेश्वरी ने विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने इस बीमारी के कारण भी बताए और बचाव के आसान उपाय भी। उन्होंने बताया कि आम तौर पर मधुमेह की दर लोगों में तेजी से बढ़ रही है। इस बीमारी के लक्षणों में याददाश्त की कमी, चेहरे पर उदासी और गुस्सा प्रमुख हैं। अगर इस तरह के लक्षण दिखते हैं तो चिकित्सक से परामर्श जरूर लिया जाना चाहिए।

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Prayagraj News : एएमए में आयोजित कांफ्रेंस में हिस्सा लेते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने चिकित्सकों को भी सलाह दी कि वह इस तरह के लक्षण वाले रोगियों के प्रति संवेदनशील रहें। ऐसे मधुमेह रोगी को चिह्नित करने के बाद उसे जब भी चिकित्सक बुलाएं, तब काउंसलिंग जरूर करें। मधुमेह रोगियों की लगातार काउंसलिंग की जानी चाहिए। कई बार देखा जाता है कि चिकित्सक मधुमेह की जो दवा दे रहे हैं, उससे ब्लड शुगर बढ़ जा रहा है। ऐसी दवा हरगिज मधुमेह रोगी को न दी जाए। उन्होंने मधुमेह से दिमाग पर पड़ने वाले असर पर विशेष जानकारी दी। उनका कहना था कि मधुमेह दिमाग को कमजोर बना देता है। इसी वजह से स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है। ऐसे में दिमाग को हमेशा सक्रिय बनाए रखना चाहिए।

मित्रों, परिवार के सदस्यों से व्हाट्स एप पर लगातार संदेशों का आदान -प्रदान करने के साथ ही योग, ध्यान गहरी सांस लेने के साथ ही योग निद्रा को अपनाना चाहिए। ताकि, दिमाग को सक्रिय रखा जा सके। इससे पहले मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह, एमएलसी डॉ केपी सिंह समेत कई चिकित्सकों ने दीप जलाकर अधिवेशन का शुभारंभ किया। पहले दिन डॉ. एके सिंह, डॉ. अरुण केडिया, डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉ. एल श्रीनिवास मूर्ति और डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने मधुमेह पर अपने अनुभवों को साझा किया।
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