Dr. AK Bansal file photo
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जिले के सबसे सनसनीखेज हत्याकांडों में से एक डॉ. एके बंसल के हत्यारोपी मामले के खुलासे के बाद भी कीडगंज पुलिस के लिए अबूझ पहेली बने हुए हैं। मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा समेत तीन का पुलिस लगभग तीन महीने बाद भी सुराग हासिल नहीं कर सकी है। यहां तक कि तीनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू भी जारी नहीं कराया जा सका है।
एसटीएफ ने पांच अप्रैल को हत्या में शामिल शूटर शोएब को गिरफ्तार का जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ. बंसल की हत्या का खुलासा किया था। बताया था कि हत्या में शामिल दूसरे शूटर यासिर को उसके ही साथियों ने मार डाला जबकि मकूसद उर्फ जैद, अबरार मुल्ला के साथ ही मुख्य सूत्रधार आलोक सिन्हा फरार हैं। हत्या की साजिश में शामिल दिलीप मिश्रा व अख्तर कटरा जेल में बंद हैं। इस खुलासे के बाद भी कई राज अभी बाकी हैं जिनसे पर्दा फरार चल रहे आलोक, मकसूद उर्फ जैद व अबरार के पकड़े जाने के बाद ही होगा।
2017 में हुआ यह हत्याकांड कीडगंज पुलिस के लिए लगातार चार सालों तक अबूझ पहेली बना रहा। चार साल की अवधि में नौ विवेचक बदले लेकिन कोई भी इस मर्डर मिस्ट्री को सॉल्वर नहीं कर सका। अब एसटीएफ ने खुलासा कर दिया है लेकिन इसके बाद भी मामले के कई राज कीडगंज पुलिस के लिए अबूझ पहेली बने हुए हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि फरार आरोपियों के खिलाफ जल्द ही एनबीडल्यू जारी कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। उनका यह भी दावा है कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं।