चौधरी महादेव प्रसाद डिग्री कॉलेज के हिंदी विभाग के अध्यक्ष और रंग निर्देशक डॉ अनुपम आनंद पंचतत्व में विलीन हो गए। मंगलवार की आधी रात एक निजी अस्पताल में निधन के बाद स्वजनों, करीबियों के अंतिम दर्शन के लिए बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर मां ललिता अपार्टमेंट स्थित आवास पर लाया गया।
यहां से कुछ देर बाद निकली शवयात्रा शंकर घाट, रसूलाबाद स्थित विद्युत शवदाह गृह पहुंची जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। ममेरे भाई डॉ.शरद वर्मा और बेटी पारुल आनंद ने मुखाग्नि दी। बाकी के कर्मकांड पुत्रवत शिष्य रंगकर्मी नीरज उपाध्याय ने पूरे कराए। रविवार की सुबह उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया था।
घर और घाट पर उन्हें अंतिम प्रणाम के लिए पहुंचने वालों में पूर्व राज्यपाल पं.केशरी नाथ त्रिपाठी, यश मालवीय, प्रो.अनिता गोपेश, प्रो.संतोष भदौरिया, अभिलाष नारायण, प्रवीण शेखर, कल्पना सहाय, रामजी राय, अंशुमान कुशवाहा, सूर्य नारायण, डॉ.प्रदीप भटनागर, शैल तनया श्रीवास्तव, शिशिर गोपेश, सिद्धार्थ पाल, भास्कर शर्मा, अनुज कुमार, निखिल मौर्य, अजय केशरी, राजेंद्र मिश्र, विनय श्रीवास्तव, वरुण कुमार, जतिन कुमार, ज्ञानचन्द्र यादव, शशिकांत शर्मा सहित राजनीति, कला, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा से जुड़े लोग शामिल थे।
शेष रहीं स्मृतियां
डॉ.अनुपम आनंद का इस तरह गुजर जाना भीतर तक आहत कर गया। नाट्य-आलोचना एवं रंग-आलोचना के क्षेत्र में उनकी गहरी दखल थी। उनका नाटक पक्ष विपक्ष बहुत चर्चित,मंचित हुआ था। वह चलते फिरते आईना और बेबाकी के लिए जाने जाते थे। अचानक वह आईना टूट गया। -रविनंदन सिंह
अभी-अभी अपने गहरे दोस्त डॉ. अनुपम आनंद जी को अंतिम विदाई देकर लौटा हूं। एक ऐसा दोस्त जो साहित्य ,कला संस्कृति और इलाहाबाद को भरपूर प्यार करने वाला था। नाटक और रंगमंच की साफ सुथरी समझ रखने वाले अनुपम जी सभी के बीच बहुपठित और तर्कशील होने की वजह से लोकप्रिय थे। वह सही मायने में अनुपम थे। -प्रो.संतोष भदौरिया, हिंदी विभाग, इविवि
डॉ.अनुपम आनंद की असमय विदाई दु:खद और निजी तौर पर बेहद आहत करने वाली क्षति है। उनके जाने से इलाहाबाद और हिंदी साहित्य-संस्कृति का बहुत नुकसान हुआ। रंगकर्मियों में वह शहर के अकेले बौद्धिक चेहरा, मेरे अग्रज जैसे मित्र थे। उनके जाने से गहरी पीड़ा है।
-प्रवीण शेखर
अनुपम भैया के जाने का मतलब शहर के सांस्कृतिक सन्नाटे और सूनेपन के शोर को बढ़ाने की एक और मुनादी। भीतर तक आत्मीयता की रिक्तता को और बढ़ाने वाली क्षति है। कितने कार्यक्रम, गोष्ठियों को याद करूं, सचमुच आनंद से भरे हुए अनुपम व्यक्ति रहे।
-डॉ.श्लेष गौतम
संस्थाओं माध्यम, मयूर ने दी श्रद्धांजलि
हिंदुस्तानी एकेडेमी की श्रद्धांजलि सभा में सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा, उनका जाना आहत कर गया है। कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने कहा, वह बहुत संवेदनशील थे। दो मिनट का मौन रखकर गोपालजी पांडेय, ज्योतिर्मयी, रतन पांडेय, अनुराग ओझा, अंकेश, मोहसिन आदि ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
माध्यम संस्था की ओर से डॉ. अनुपम आनंद के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। संस्था के सचिव विनय श्रीवास्तव और सांस्कृतिक सचिव डॉ.अशोक कुमार शुक्ला ने कहा, उनका जाना साहित्य और रंगमंच की ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। अंशू श्रीवास्तव, अखिलेश, राहुल, प्रशांत, प्रतिभा आदि ने उनकी आत्मा की शांति और परिजनों को इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मयूर रंगमंच की जॉर्ज टाउन कार्यालय में हुई श्रद्धांजलि सभा में रंगकर्मी रामचंद्र गुप्ता,राम गोपाल गुप्ता, शशिकांत शर्मा ने उनने निधन को रंगकर्म की अपूरणीय क्षति बताया। सभा में वीरेंद्र मिश्रा., श्याम सुंदर शर्मा, रिभु श्रीवास्तव, राजीव खरे, विनय मिश्रा, दिनेश पांडेय नजर इलाहाबादी, केडी. अवस्थी, अश्वनी श्रीवास्तव, विपिन, आयुष मिश्रा, अनन्या द्विवेदी, सुदीक्षा पांडे, प्रियंका साक्षी, शंकर पासवान, विभु श्रीवास्तव ने उन्हें याद किया।
अच्छे रंगकर्मी, अच्छे इंसान थे अनुपम
प्रगतिशील लेखक संघ की शोक श्रद्धांजलि में संध्या नवोदिता ने कहा, डॉ अनुपम आनंद एक लेखक, अच्छे रंगकर्मी और निर्देशक होने के साथ ही बहुत अच्छे इंसान थे। कथाकार असरार गांधी,सुरेंद्र राही,अशरफ अली बेग, प्रकर्ष मालवीय विपुल ने कहा, वह सभी के साथ मित्रवत थे। उनकी कमी बहुत खलेगी। वेदना की घड़ी में हम परिवार के साथ हैं।
प्रतिमा स्थापित करने की मांग
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगठक महाविद्यालय सीएमपी डिग्री कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष करन सिंह परिहार ने कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह को पत्र लिखकर सीएमपी कॉलेज खेल मैदान या किसी भवन, कक्ष को उनके नाम पर किए जाने सहित महाविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग की।
राज्य विवि में शिक्षकों ने जताया शोक
प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भइया राज्य विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हुई सभा में डॉ.अनुपम के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। डॉ.अविनाश कुमार श्रीवास्तव, डॉ.आशुतोष सिंह आदि ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।