नगर पंचायत के सेठिया मोहल्ला स्थित मनकामेश्वर धाम परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य रोहित जी महाराज ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने मनु और कर्दम के विवाह संवाद का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता व पारिवारिक मूल्यों पर बखान किया।
कथा के दूसरे दिन आचार्य रोहित जी महाराज ने कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप है, इसे समाप्त करना हर परिवार की जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज को संगठित रखने के लिए कहा कि जब तक परिवार व समाज के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए मिलजुल कर नहीं रहेंगे, तब तक सच्ची प्रगति संभव नहीं है। कथा के दौरान परमात्मा द्वारा सृष्टि की रचना का जिक्र करते हुए कहा कि संपूर्ण विश्व ईश्वर की अद्भुत कृति है। मुख्य यजमान विजेंद्र व रागिनी केसरवानी रहे। कथा के समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया।