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Lunar Eclipse : सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट हुए बंद, अब सुबह पांच बजे के बाद ही होंगे दर्शन पूजन

Sat, 28 Oct 2023 05:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

आज लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल भी माना जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले लग जाता है। सूतक काल शनिवार शाम चार बजे से लग गया है। सूतक काल के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। 
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चंद्रग्रहण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंद्रग्रहण के कारण सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए। शहर के प्रमुख मंदिरों श्री बड़े हनुमानजी, कल्याणी देवी, अलोप शंकरी देवी मंदिर, ललिता देवी सहित हनुमत निकेतन आदि मंदिरों के कपाट भगवान के पूजन अर्चन के बाद बंद हो गए। श्रद्धालु मंदिर के बाहर बैठकर कीर्तन और भगवान के नाम का स्मरण कर रहे हैं। 

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आज लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल भी माना जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले लग जाता है। सूतक काल शनिवार शाम चार बजे से लग गया है। सूतक काल के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। 

इस चंद्रग्रहण का स्पर्श शनिवार की रात में एक बजकर 25 मिनट पर होगा। मध्य रात में एक बजकर 44 मिनट पर होगा और इसका मोक्ष रात्रि दो बजकर 24 मिनट पर होगा। देर रात ग्रहण के बाद सुबह पांच बजे के बाद ही मंदिरों में पूजा होगा। 

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