इलाहाबाद (ब्यूरो)। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,652 पदों के लिए साक्षात्कार शुरू करने से पहले डाक्यूमेंट की जांच करने का निर्णय लिया है। पीएचडी के संबंध में नए आदेश की बाबत आयोग ने यह फैसला लिया है। इस फैसले के तहत लिखित परीक्षा का दो बार रिजल्ट घोषित भी किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी करने के बाद अक्तूबर के पहले सप्ताह में साक्षात्कार शुरू करने की तैयारी है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की न्यूनतम योग्यता को लेकर काफी भ्रम है। यूजीसी की नियमावली 2009 के तहत पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों को ही नेट-जेआरएफ से छूट की बात कही है। इसके बाद भी प्रतियोगियों के अपने-अपने दावे हैं और आवेदन भी किए हैं। इसके मद्देनजर आयोग ने साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट की जांच का निर्णय लिया है। आयोग की नियमावली के अनुसार साक्षात्कार के लिए पद से तीन से पांच गुना तक अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे। वास्तविक संख्या क्या होगी यह बोर्ड की बैठक में जल्द ही तय किया जाएगा। इसलिए आयोग ने सात गुना अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट की जांच का निर्णय लिया है।
ताकि, अर्हता पूरी न करने की वजह से कुछ लोग बाहर हो जाते हैं तब भी साक्षात्कार के लिए पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी मिल जाएं। इस मकसद से आयोग की ओर से पहले सात गुना अभ्यर्थियों को सफल कर लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सभी डाक्यूमेंट डाक से या खुद उपस्थित होकर आयोग में जमा करने होंगे। डाक्यूमेंट की जांच के बाद फिर बोर्ड में हुए फैसले के अनुसार तीन से पांच गुना अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर रिजल्ट जारी किया जाएगा। ये अभ्यर्थी ही साक्षात्कार में शामिल होंगे। चेयरमैन लाल बिहारी पांडेय का कहना है कि जल्द ही परिणाम घोषित किया जाएगा। डाक्यूमेंट जांच में 15 दिन लगेंगे। इसके बाद साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सूची घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अक्तूबर के पहले सप्ताह से साक्षात्कार कराने की तैयारी है।
साक्षात्कार के बाद सभी विषयों का अंतिम परिणाम एक साथ घोषित नहीं होगा। आयोग ने पहले कम पद वाले विषयों का साक्षात्कार कराने का निर्णय लिया है। साक्षात्कार के कुछ दिन बाद परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा।