इलाहाबाद। उप्र खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से माघ मेले के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी शुरू हो गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन खादी ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय और प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग मुकुल सिंघल ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। मंत्री नारद ने कहा कि खादी ग्रामोद्योगों को प्रोत्साहन देने की दिशा में हर संभव कार्य सरकार की ओर से किया जाएगा। खादी प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य देश भर की खादी ग्रामोद्यागों को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छा बाजार उपलब्ध कराना है।
खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रमुख सचिव मुकुल सिंहल ने कहा कि खादी वस्त्र नहीं विचार है, जो जन-जन के हित में है। इसको अपनाने से रुई उत्पादन करने से लेकर कपड़ा बेंचने वाले तक को रोजगार मिलता है। वरिष्ठ संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. नीरू श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदर्शनी खादी एवं ग्रामोद्योग उद्यमियों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विपणन का एक सशक्त मंच है। उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हृदय शंकर तिवारी ने विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बृज की होली, मयूर नृत्य को काफी पसंद किया गया। गायिका रीना पांडेय ने अवधि लोकगीतों की प्रस्तुति ने भी खूब तालियां बटोरी। अतिथियों का स्वागत उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी इलाहाबाद मंडल वीके सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजना त्रिपाठी ने किया। इसके पहले मंत्री का सरकिट हाउस में सपा महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन ने कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत किया। इसमें महबूब उस्मानी, डॉ.रजनीश राय, दान बहादुर मधुर, नाटे चौधरी, संतोष यादव, अशोक अग्रवाल, किताब अली, सुभाष गुप्ता आदि शामिल थे।
खादी प्रदर्शनी में खादी के विविध रूप लोगों को देखने को मिलेंगे। प्रदर्शनी में देशभर से आए खादी एवं ग्रामोद्योगों के 262 स्टाल लगाए गए हैं। जिसमें खादी के स्टाइलिश अंदाज में दिखेगी। सूट, साड़ियां, कुर्ते, चादर, सदरी, कोट, शर्ट, दरी समेत खादी से बने एक से बढ़कर सामान हैं। इसके साथ ही कश्मीर की पश्मीना शालें, ऊनी वस्त्र, राजस्थानी नमकीन, आचार आदि प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही क्रियात्मक प्रदर्शन चरखा, मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाना भी दिखाया जाएगा। प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग मुकुल सिंघल ने प्रेसवार्ता में बताया ग्रामोद्योगों के प्रचार के लिए बायर-सेलर मीटिंग कराई जाएगी। जिसमें निफ्ट और आईआईएम अहमदाबाद के विशेषज्ञों को भी बुलाया जाएगा। इसमें तैयार प्रस्तावों को प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही तीन-तीन दिनों के कार्यक्रम होंगे। जिसमें खादी समेत लघु उद्योगों के उत्कृष्ठ उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
केंद्र सरकार से उद्योग के लिए जो बजट मिलता है, वह काफी कम है। उद्योगों को बढ़ावा देने के जरूरी है कि प्रदेश की जनसंख्या के हिसाब से बजट का आवंटन की मांग केंद्र सरकार से की गई है। खादी ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय ने प्रेसवार्ता में बताया कि देश की आबादी का 25 प्रतिशत जनसंख्या उप्र में है। इसी के आधार पर उद्योगों के विकास के लिए अगर हमें बजट मिल जाए तो आर्थिक दृष्टि से भी प्रदेश बेहतर तरीके से विकसित हो सकता है। कहा कि प्रदेश में कच्चा उत्पाद तो बहुत ज्यादा है, लेकिन बड़ा बाजार नहीं है। बताया कि सरकार की कोशिश है कि हर गांव में एक खादी ग्रामोद्योग लगा जाए।