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हाईकोर्ट वकीलों का आंदोलन होगा और तेज

Thu, 08 Jan 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। पश्चिमी यूपी में बेंच के विरोध में हाईकोर्ट के वकील अपना आंदोलन और तेज करेंगे। वकीलों को संगठित करने करने के लिए कई कमेटियों का गठन कर दिया गया है। आंदोलन को नया रूप और तेवर देने के लिए कमेटियां काम करेंगी। बुधवार को दिन भर चली आम सभा की बैठक में हड़ताल समाप्त करने पर कोई निर्णय नहीं हो सका। तय किया गया कि बृहस्पतिवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
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वकीलों ने आंदोलन को और धार देने के लिए जनसमर्थन जुटाने का फैसला लिया है। सांसदों, विधायकों और राजनीतिक दलों के अलावा व्यापारी संगठनों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों का उनको समर्थन मिल रहा है। आम सभा में तय किया गया कि संघर्ष समिति, सलाहकार समिति, युवा संघर्ष समिति और मीडिया कमेटी नियमित रूप से बैठकें कर आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगी और अधिवक्ताओं को उससे अवगत कराएंगी। संघर्ष समिति के संयोजक आरके ओझा, आईके चतुर्वेदी, अनिल तिवारी, प्रभाशंकर मिश्र और बृजेश सहाय को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि कोई अधिवक्ता न्यायालय में प्रवेश न करने पाए तथा न्यायिक कार्य से विरत रहने के प्रस्ताव का पूरी तरह से पालन किया जाए।

महासचिव सीपी उपाध्याय ने बताया कि सोनभद्र बार एसोसिएशन का समर्थन उनको प्राप्त हुआ है। प्रेस संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी राहुल पांडेय, केके राय, अवधेश कुमार और रीतेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को आम सभा मेें मंगला प्रसाद त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, संतोष कुमार मिश्र, अतुल पांडेय, अजय दुबे, प्रदीप तिवारी, एके ओझा, सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय ने तथा संचालन सीपी उपाध्याय ने किया।
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