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शहर में अतिक्रमण पर डीएम, वीसी की पेशी

Thu, 18 May 2017 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मुकदमा - फोटो : demo pic
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शहर में अवैध निर्माणों की बाढ़ और जगह-जगह जाम की स्थिति से हाईकोर्ट नाराज है। इस मुद्दे पर कोर्ट ने बुधवार को डीएम संजय कुमार और एडीए के उपाध्यक्ष डीके पांडेय को तलब कर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि दोनों अधिकारी 24 मई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताएं कि अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को हटाने की उनकी क्या योजना है।
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एक होटल मालिक की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित की पीठ ने कहा है कि सिविल लाइंस सहित पूरे शहर में जहां भी अतिक्रमण दिखे, उसे तत्काल हटाया जाए। ऐसे पार्कों को चिन्हित किया जाए जहां किसी भी प्रकार का निर्माण किया है। उसको तत्काल ध्वस्त कर दिया जाए। सिविल लाइंस में स्थान-स्थान पर मोबाइल वैन लगाकर खाने-पीने की दुकानें चलाने पर भी कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है तथा इसको हटाने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि शराब की दुकानों के सामने खाने-पीने की चीजों की दुकानें खोल ली गई हैं। सड़क पटरियों पर बैठाकर खाना परोसा जा रहा है। ऐसी दुकानों को तत्काल बंद कराया जाए। पीठ ने सिविल लाइंस क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जाम की समस्या हल नहीं होने पर नाराजगी जताई है। यह भी निर्देश दिया है कि नगर निगम ने जितने गैरकानूनी लाइसेंस जारी किए हैं, उन सभी पर पुनर्विचार करे। एडीए की ओर से अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने पक्ष रखा।
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इससे पूर्व न्यू संगम होटल की मालिक पूर्णिमा मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राजकीय अस्थान की जमीन पर हुए अवैध निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। याची को राजकीय अस्थान की भूमि रिहायशी उपयोग के लिए पट़्टे पर दी गई थी। उसने होटल बना लिया। इसके ध्वस्तीकरण का नोटिस मिलने पर उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। पीठ का कहना था कि अधिकारी स्वयं अवैध निर्माण होने देते हैं, जिससे समस्या उत्पन्न होती है, फिर कार्रवाई करते हैं। शहर में अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को लेकर पहले से चल रही जनहित याचिका को भी 24 मई को पेश करने का निर्देश दिया है।
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इन निर्देशों पर करना है अमल
1- पूरे सिविल लाइंस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाए
2- पार्कों में निर्माण को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण करें
3- मोबाइल वैन पर खाने-पीने की दुकानें लगाना बंद हो
4- कानून के विरुद्ध जारी लाइसेंस पर निगम पुनर्विचार करे
5- डीएम, एडीए वीसी व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर की गई कार्रवाई की जानकारी दें
6- राजकीय अस्थान की भूमि से अवैध निर्माण हटाने पर कार्ययोजना पेश की जाए
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